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अलीगढ़ में बुजुर्ग महिला से बलात्कार के मामले में कोर्ट ने दो दोषियों को सुनाई उम्रकैद की सजा

बुजुर्ग महिला से बलात्कार की घटना के 4 साल बाद एडीजे तृतीय राजेश भारद्वाज की अदालत ने दोनों आरोपियों को धारा 376डी के तहत दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों दोषियों को सजा सुनाने के बाद पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।

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अलीगढ़ में एक वृद्ध महिला से दुष्कर्म के मामले में 4 साल बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास का अहम फैसला सुनाया है। बताया जा रहा है कि सड़क किनारे खड़ी बुजुर्ग महिला को गांव के ही रहने वाले दो लोग घर ले जाने के बहाने टेम्पो से ले गए थे और सुनसान जगह पर ले जाकर दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इस मामले में एडीजे तृतीय की अदालत ने सभी गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों दोषियों को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।

शासकीय अधिवक्ता कृष्ण मुरारी जोहरी ने बताया कि थाना अकराबाद क्षेत्र में 5 मई 2018 को सरजीत और नैनू ने गांव की ही एक बुजुर्ग महिला के साथ बलात्कार की वारदात को उस वक्त अंजाम दिया था। जब बुजुर्ग महिला अपने अपाहिज बेटे की पत्नी की डिलीवरी के चलते घर जाने के लिए रास्ते में खड़ी हुई थी। तभी गांव के ही सरजीत और नैनू महिला के पास पहुंचे और उनसे कहा कि वह भी गांव जा रहे हैं। दोनों लोग बुजुर्ग महिला को अपने झांसे में लेकर अपने साथ टैंपो में बैठाकर ले गए। आरोप है कि उसी दौरान सुनसान जगह पर सड़क किनारे टैंपो खड़ा करके दोनों ने जबरन बुजुर्ग महिला से बलात्कार किया।

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पुलिस ने भी दिखाई मामले में तत्परता

बुजुर्ग महिला ने घटना के बाद थाने में तहरीर देकर दोनों लोगों के खिलाफ बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने भी तत्परता दिखाते हुए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। जिसके बाद अदालत ने 4 साल बाद बुजुर्ग महिला के साथ बलात्कार करने वाले गांव के दोनों लोगों को धारा 376डी के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

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पीड़ित पक्ष ने की थी फांसी देने की मांग

बता दें कि पीड़ित पक्ष की ओर से दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की गई थी। अदालत ने तमाम गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर दोनों को दोषी मानते हुए यह फैसला सुनाया है।