
शिवालयों में दूध पी रहे नंदी, मुंह से चम्मच लगाते ही गायब हो जाता है दूध, जानें चमत्कार के पीछे का विज्ञान।
Nandi idol drinking milk : भगवान शिव के मंदिरों में एक बार फिर नंदी की मूर्ति के दूध पीने की अप्रत्याशित घटना सामने आई है। जिसने भी सुना कि भोले शंकर के गण उनके मंदिरों में विराजमान नंदी दूध पी रहे हैं, वही दूध लेकर मंदिर की ओर दौड़ पड़ा। नंदी के दूध पीने की खबर गांव से लेकर शहर तक जंगल की आग की तरह फैल गई तो भोलेनाथ के मंदिरों में भीड़ लग गई। पूरे दिन मंदिर में नंदी के प्रतिमा की दूध पीने की ही चर्चा लोगों में होती रही और देहात से लेकर शहर तक के मंदिरों में दूध पिलाने वालों की लाइन लग गई। लोग जैसे दूध की चम्मच भरकर नंदी के मुंह से लगाते तो वह खाली हो जाती। इस चमत्कार से हर कोई हैरान था।
अलीगढ़ की तहसील खैर क्षेत्र के गांव बिलखोरा में वर्षों पुराना भोलेनाथ का मंदिर है। गांव के इस प्राचीन मंदिर शिवलिंग के पास रखी नंदी की प्रतिमा के दूध पीने की खबर आग की तरह फैल गई। इसके बाद गांव क्या शहरों के मंदिरों में भी श्रद्धालु दूध लेकर दौड़ लिए। सैकड़ों की तादाद में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग जिसको घर के अंदर जो भी बर्तन मिला। उस बर्तन में दूध लेकर नंदी की प्रतिमा को अपने हाथों से दूध पिलाने पहुंच गए। मंदिरों में नंदी की प्रतिमा को दूध पिलाने के लिए उमड़ी भीड़ के चलते व्यवस्था चरमरा गई। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने श्रद्धालुओं की भीड़ को काबू करने के लिए मोर्चा संभाला।
इस तरह फैली अफवाह
बताया जा रहा था कि गांव का कोई व्यक्ति मंदिर में दूध पान कराने के लिए गया था। उसने मंदिर में विराजमान नंदी की प्रतिमा के मुंह से दूध की कटोरी लगाई तो धीरे-धीरे दूध खत्म हो गया। कटोरी से दूध गायब देख वह व्यक्ति आश्चर्यचकित रह गया। इसके बाद उसने इसकी जानकारी अन्य लोगों को दी तो वे भी घरों से दूध लेकर मंदिर पहुंच गए। इसके बाद दूध पिलाने के लिए मंदिरों में भारी भीड़ उमड़ने लगी।
जानिये क्या कहते हैं विशेषज्ञ
हालांकि इस घटना पर विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं होना आम बात है। श्रद्धालुओं द्वारा सफेद संगमरमर की प्रतिमा को पिलाया हुआ दूध प्रतिमा के सहारे मंदिर से निकलने वाली नाली से होकर बाहर निकल जाता है। जबकि प्रतिमा को दूध पिलाने वाले श्रद्धालुओं को ऐसा लगता है कि उनके हाथों से प्रतिमा ने दूध पी लिया है। हकीकत में ऐसा नहीं होता है। यह सिर्फ लोगों का अंधविश्वास है।
Published on:
06 Mar 2022 09:50 am
बड़ी खबरें
View Allअलीगढ़
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
