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मकर संक्रांति पर स्नान के लिए यह समय है सबसे फलदाई ,इन वस्तुओं के दान से काटेंगे सभी कष्ट

इस दिन स्नान दान का है विशेष महत्व

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The auspicious time of bathing on Makar Sankranti festival

मकर संक्रांति पर स्नान के लिए यह समय है सबसे फलदाई ,इन वस्तुओं के दान से काटेंगे सभी कष्ट

प्रयागराज | संगम की रेती पर माघ मेले में मकर संक्रांति के स्नान के साथ कल्पवास का महापर्व आरंभ हो जाएगा। मकर संक्रांति के पर्व पर सूर्य शोभन योग में मकर राशि में प्रवेश करेंगे । इस योग में सूर्य का राशि परिवर्तन बेहद फलदाई बताया जा रहा है। माघ कृष्ण पंचमी पर मकर संक्रांति स्नान पर्व पर संगम पर पुण्य की डुबकी हर किसी के लिए बेहद उत्तम होगी।


संक्राति की इस तिथि पर सूर्य के उत्तरायण होने के साथ ही खरमास उतर जाएगा। शुभ दिन यानी शुभ लग्न की शुरुआत हो जाएगी। पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के साथ शोभन योग में मकर संक्रांति हर क्षेत्र में सफलता का योग बनाएगी। इस योग के साथ इस बार संगम स्नान का महत्व बेहद फलदाई हो गया है।


प्रयागराज में मंगलवार की मध्यरात्रि के बाद सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे। लेकिन स्थान सूर्योदय के साथ ही आरंभ होगा । इस मकर संक्रांति पर किया गया दानपुण्य और अनुष्ठान महत्वपूर्ण फल देने वाला होगा। सूर्य के उत्तरायण होने के साथ ही शनी सूर्य का मिलन भी होगा। सूर्य और शनि दोनों ही ग्रह पराक्रमी है ऐसे में सूर्य देव के मकर राशि में आने पर शनि की प्रिय वस्तुओं का दान भी भक्तों के लिए फलदाई होगा और भक्तों के जीवन से समस्याएं दूर होंगी।ज्योतिषाचार्य पंडित राम मिलन मिश्र के अनुसार प्रयाग में यमुना का वास होने के कारण सूर्य और शनि की युति महापुण्य दायी होगी।

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इस संक्रांति पर्व पर स्नान अन्य वस्त्र के दान से आंतरिक ऊर्जा का संचार बढ़ेगा ।कार्य क्षमता में भी वृद्धि होगी मकर संक्रांति के दिन तिल से बनी वस्तुओं का दान कर भक्त शनिदेव की विशेष कृपा प्राप्त करते हैं।15जनवरी 2020को प्रातः काल 8 :28 बजे मकर संक्रान्ति में सूर्य भगवान का प्रवेश होगा। जिसका पुण्यकाल प्रातरूकल 8:28से सायंकाल 4:16 तक रहेगा। इस मध्य गंगा यमुना सहित अन्य नदियों में स्नान के बाद तिल मोदक,ऊनी, कम्बल,खिचड़ी का दान का विशेष महत्व है।