
प्रतीकात्मक तस्वीर-पत्रिका
Rajasthan Crime: अलवर। विशिष्ट न्यायालय पॉक्सो संख्या 2 की न्यायाधीश शिल्पा समीर ने साल 2016 के देह व्यापार से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए पीड़िता की मां को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही साढ़े पांच लाख रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
विशिष्ट लोक अभियोजक पंकज यादव ने बताया कि 7 अगस्त 2016 को सदर थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी कैलाश चौधरी को सूचना मिली कि गाजूकी में 'बिल्लो' नाम की महिला एक नाबालिग बालिका की तस्करी कर देह व्यापार कराने के लिए लाई है। जिसे उसने बंधक बनाकर रखा हुआ है। इस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी बिल्लो के घर से 11 वर्षीय बालिका को बरामद किया।
पूछताछ में सामने आया कि बालिका को 6 महीने पहले कोलकाता से लाया गया था। जिसे उसकी मां ने ही रुपए लेकर बेटी को बिल्लो के हाथ बेच दिया था। बच्ची को कोलाकाता से राजस्थान के अलवर में लाकर बिल्लो द्वारा उससे जबरदस्ती देह व्यापार कराया जा रहा था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर बिल्लो को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया।
न्यायालय ने 26 जुलाई 2019 को बिल्लो को सजा सुनाई। जबकि पीड़िता की मां व दलाल टोका हलदर उर्फ 'टोफा' के फरार होने के कारण उनकी तलाश की गई, लेकिन उनका पता नहीं लग सका। बाद में 14 अगस्त 2023 को पीड़िता की मां को पुलिस ने पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर उसके खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया।
इस दौरान अभियोजन पक्ष ने 17 दस्तावेज प्रदर्शित करने के साथ 12 गवाह न्यायालय के समक्ष परीक्षित कराए। जिसके आधार पर न्यायालय ने पीड़िता की मां को अपनी नाबालिग बेटी को देह व्यापार के लिए बेचने के मामले में दोषी मानते हुए उसे सजा सुनाई है। वहीं, मामले में टोका हलदर उर्फ 'टोफा' अभी फरार है।
Updated on:
05 Aug 2025 09:40 am
Published on:
03 Aug 2025 02:29 pm
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