
अलवर पुलिस को है इतने गोतस्करों की तलाश, पुलिस इस तरह कसेगी शिकंजा
अलवर. मॉब लिंचिंग की घटनाओं से देश-दुनिया की सुर्खियों में छाए अलवर जिले में गोतस्करी चरम पर है। इसकी रोकथाम के लिए जिला पुलिस ने अब कमर कस ली है। जिला पुलिस ने पहली बार गोतस्करों और गोरक्षकों का डेटाबेस तैयार किया है। वहीं, गोरक्षा की आड़ में घटनाओं को अंजाम देने वाले बदमाशों का डेटाबेस भी तैयार किया जा रहा है। डेटाबेस के अनुसार 500 गोतस्कर पुलिस रिकॉर्ड में वांटेड हैं, जिनकी पुलिस को तलाश है। पुलिस ने इन गोतस्करों को चार श्रेणियों में बांटकर उनकी गिरफ्तारी के सरगर्मी से प्रयास शुरू कर दिए हैं।
जिले में बढ़ती गोकशी की घटनाओं को देखते हुए पुलिस की ओर से गोतस्करों का पूरा डेटाबेस तैयार करने की मुहिम शुरू की। कई दिन की मशक्कत के बाद पुलिस ने जिले के सभी गोतस्करों का डेटाबेस जुटा लिया है। पुलिस के डेटाबेस के अनुसार जिले में चार उद्घोषित गोतस्कर, 110 भगौड़ा और 325 स्थायी वारंटी गोतस्कर हैं। जिन्हें न्यायालय ने उद्घोषित, भगौड़ा और स्थायी वारंटी घोषित किया हुआ है। इसके अलावा पुलिस के विभिन्न प्रकरणों में 59 गोतस्कर वांछित हैं।
अब बदमााशों का रिकॉर्ड जुटा रहे
जिले में गोतस्कर और गोरक्षकों का डेटाबेस तैयार करने के बाद पुलिस गोरक्षा की आड़ में मॉब लिंचिंग, मारपीट व लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देने वाले बदमाशों का रिकॉर्ड जुटाने में लग गई है। ऐसी घटनाओं में लिप्त रहे सभी बदमाशों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही इन बदमाशों का भी डेटाबेस तैयार हो जाएगा।
रामगढ़ में सबसे ज्यादा गोतस्कर
रामगढ़ के ललावंडी गांव में पिछले दिनों गोतस्करी के शक में रकबर खान की लोगों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इस मामले में रामगढ़ सुर्खियों में रहा। अब चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस के डेटाबेस में जिले में सबसे ज्यादा गोतस्कर रामगढ़ में ही चिह्नित हुए हैं। पुलिस के डेटाबेस के अनुसार रामगढ़ में 87 गोतस्कर हैं, जिनकी पुलिस को तलाश है। इसके बाद गोविंदगढ़ और खेरली में 32-32 तथा लक्ष्मणगढ़ में 28 गोतस्कर वांटेड हैं।
Published on:
20 Aug 2018 09:36 am
