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नगर परिषद सफाईकर्मी भर्ती: आयुक्त मामले में कलेक्टर के पास पहुंचे पार्षद, प्रशासन से लगाई यह गुहार

बैठक में लिया प्रस्ताव सरकार तक पहुंचता, उससे पहले आयुक्त लौटे
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अलवर

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Prem Pathak

Jul 03, 2018

Alwar nagar parishad : commissioner councillor face to face

नगर परिषद सफाईकर्मी भर्ती: आयुक्त मामले में कलेक्टर के पास पहुंचे पार्षद, प्रशासन से लगाई यह गुहार

कलक्टर के पास पहुंचे पार्षद
अलवर. नगर परिषद में सफाईकर्मी भर्ती का विवाद बढ़ता जा रहा है। तीन दिन पहले नगर परिषद बोर्ड की बैठक में पक्ष व विपक्ष के पार्षदों ने मिलकर आयुक्त संजय शर्मा के खिलाफ निन्दा प्रस्ताव पारित किया था। उनकी जगह लगाए गए कार्यवाहक आयुक्त सुभाष चन्द शर्मा को आयुक्त की शक्तियां देने के प्रस्ताव भी पारित हुआ। ये प्रस्ताव विभागीय तौर पर अमल में आता उससे पहले ही आयुक्त संजय शर्मा ने सोमवार को वापस कुर्सी संभाल ली। इधर, सभापति अशेाक खन्ना, नेता प्रतिपक्ष नरेन्द्र मीणा सहित अन्य पार्षद मामले को लेकर जिला कलक्टर के पास पहुंच गए।
अब लड़ाई आयुक्त बनाम पार्षद हो गई :

सफाईकर्मी भर्ती की लॉटरी निकालने से एक दिन पहले नगर परिषद में आवेदन पत्रों की जांच को लेकर पार्षद व आयुक्त के बीच में गर्मागर्मी हुई। पार्षदों ने आयुक्त पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी वायरल किया गया। उसके तुरंत बाद पार्षदों की मांग पर आपात बैठक बुलाई जिसमें आयुक्त के खिलाफ निन्दा प्रस्ताव लिया गया। यह प्रस्ताव सरकर को भिजवाने से पहले ही आयुक्त खुद वापस ड्यूटी आ गए। प्रस्ताव विभाग के स्तर से स्वीकृत होने के बाद आगे की कार्रवाई होती। अब एक तरह से लड़ाई और अधिक बढ़ गई है। प्रस्ताव पारित करने वालों भाजपा व कांग्रेस दोनों ही पार्षद शामिल थे।
सभापति के साथ पार्षद पहुंचे : निन्दा प्रस्ताव के बाद सोमवार को सभापति अशोक खन्ना व नेता प्रतिपक्ष नरेन्द्र मीणा के साथ पार्षद जिला कलक्टर के पास पहुंचे। वहां उनको बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पारित हुए, उनकी जानकारी दी। इसके अलावा इससे पहले के घटनाक्रम से अवगत कराया। करीब 22 पार्षद उनके साथ गए। वैसे पहले ही बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पारित हो चुका है। इसका असर कर्मचारियों के वेतन व बिलों पर भी पड़ रहा है।

सभापति का इस्तीफा नहीं तो विधायक भी शामिल
पार्षद पूनिया ने कहा कि अब सभापति का इस्तीफा नहीं हुआ तो शहर विधायक भी भ्रष्टाचार के खेल में शामिल हैं। तभी ऐसा हो सकता है कि भर्ती प्रक्रिया में जारी विज्ञप्ति के नियमों की पालना जानबूझकर नहीं की गई ताकि सफाई ठेके में सबकी मिलीभगत चलती रहे।

विभाग ने कोर्ट के जरिए से जारी किए आदेशानुसार सात दिन में फिर से लॉटरी निकाली जाएगी जिसमें पुरानी भर्ती के आवेदकों को शामिल किया जाएगा।
अशोक खन्ना, सभापति, नगर परिषद अलवर