
Rajasthan Election 2023: विधानसभा चुनाव में इस बार दावेदारों की संख्या में कमी आई है। दावेदारों की घटती संख्या से नेताओं को आसानी हो गई। वह अपने वोटों का गणित आसानी से लगा सकेंगे। पिछले चुनाव में दावेदारों की संख्या अधिक होने के चलते नेताओं का वोटों का गणित बिगड़ गया और व जीत के करीब पहुंचकर भी हार का सामना करना पड़ा।
इस तरह थी प्रत्याशियों की संख्या
पिछले चुनाव की बात करें तो मुंडावर से 23, बहरोड़ से 10, बानसूर से 13, थानागाजी से 12, अलवर ग्रामीण से 14, अलवर शहर से 18, रामगढ़ से 21, राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ से 12, कठूमर से 11, किशनगढ़बास से 7 व तिजारा से 15 दावेदार मैदान में थे। इनकी कुल संख्या 156 थी। इस बार संख्या घटकर 113 पहुंच गई। यानी पिछले चुनाव से इस बार 43 प्रत्याशी कम हुए हैं। राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ में ही सबसे अधिक प्रत्याशी हैं। बाकी अलवर ग्रामीण, बानसूर, कठूमर, मुंडावर में प्रत्याशियों की संख्या इस बार कम है। बताया जा रहा है कि नेताओं के पास रणनीतिकार हैं जो इस बार दावेदारों को कितने वोट मिलने हैं, इसका आयडिया आसानी से लगा लेंगे। इससे वह जीत के करीब पहुंच सकते हैं।
इनकी जीत का अंतर रहा था कम
वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में बहरोड़ से बलजीत यादव 3836 वोटों से ही जीते थे। इसी तरह तिजारा से संदीप यादव 4457 वोटों से जीते थे। किशनगढ़बास से दीप चंद खैरिया की जीत का अंदर भी अधिक बड़ा नहीं था। बताते हैं कि प्रत्याशियों की संख्या अधिक होने के चलते कई नेताओं का गणित पिछली बार गड़बड़ाया था।
Published on:
10 Nov 2023 10:39 am
