
घटना के बाद बैठक व पुलिस बल की तैनाती (फोटो - पत्रिका)
अलवर में शुक्रवार को देसूला निवासी करण मल्होत्रा की मौत के बाद तनाव का माहौल बन गया। घटना के बाद परिजनों और हिंदूवादी संगठनों ने सामान्य अस्पताल के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया और शव का पोस्टमार्टम नहीं होने दिया। मौके पर भारी पुलिस जाप्ता तैनात किया गया है। रामगढ़ विधायक, पुरुषार्थी समाज के प्रतिनिधि, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त जिला कलेक्टर सहित कई थाना अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।
गुरुवार देर रात चिंटू मल्होत्रा पर बख्तल चौकी के पास समुदाय विशेष के कुछ लोगों ने हमला कर दिया था। बीच-बचाव करने आए चचेरे भाई करण मल्होत्रा पर फर्सी और रॉड से हमला हुआ, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। शुक्रवार शाम सानिया हॉस्पिटल में उसकी मौत हो गई। इसके बाद हॉस्पिटल के बाहर भी भीड़ जमा हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने धार्मिक नारे लगाकर हमला किया। वहीं, पुलिस ने बताया कि यह मामला आपसी विवाद और लेन-देन से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
पत्नी व बच्चों के साथ कार से अपने गांव देसूला लौट रहे युवक चिंटू मल्होत्रा (32) पुुत्र बालकृष्ण मल्होत्रा पर गुरुवार रात बख्तल की चौकी स्थित एक निजी बैंक के समीप समुदाय विशेष के कुछ लोगाें ने हमला कर दिया। सूचना मिलने पर जब चिंटू का चचेरा भाई करण और उसके दो साथी अमित व अंगद मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव किया तो आरोपियों ने करण के सिर पर फर्सी और लोहे की रॉड मार दी। जिससे वह अचेत होकर गिर पड़ा। गंभीर रूप से घायल करण की शुक्रवार शाम 6 बजे सानिया हॉस्पिटल में उपचार के दौरान मौत हो गई। पीडि़त पक्ष का यह भी आरोप है कि इस घटना के दौरान आरोपियों ने धार्मिक भावनाएं भड़काने के लिए नारे भी लगाए।
Updated on:
11 Oct 2025, 12:04 PM IST
Published on:
11 Oct 2025, 11:40 AM IST
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