
घर के सामने बैठे परिजन व इनसेट में मृतक विपिन। फोटो: पत्रिका
शाहजहांपुर। विदेश में पैसा कमाकर परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने का सपना आंखों में लिए 4 जून 2024 को घर से निकले जाट बहरोड़ गांव निवासी विपिन चौधरी की अमरीका के जॉर्जिया शहर में 30 दिसंबर को अचानक हुई मौत की सूचना के बाद पूरा परिवार सदमे में है।
विपिन के पिता हवासिंह चौधरी, मां नीलम देवी, बहन निशा व अर्चना तथा दादी सूरजी देवी की रातें जागकर कट रही हैं। रो-रोकर आंखें पथरा गई हैं। पांच दिन बाद भी इस परिवार को विपिन के शव का इंतजार है। शव को भारत लाने में हो रही देरी से पूरा परिवार दुखी और परेशान है।
विपिन के परिवार व ग्रामीणाें ने केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव से शव को जल्द भारत लाने की गुहार लगाई है। उधर, मृतक विपिन का फुफेरा भाई संदीप छिल्लर जॉर्जिया पहुंच तो गया है, लेकिन वहां लगातार छुट्टियां होने के कारण उसे विपिन के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है।
संदीप ने परिजनों को फोन पर जानकारी दी है कि सोमवार को कार्यालय खुलने के पश्चात ही शव को भारत लाने की आगे प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। इधर, जिला प्रमुख बलबीर छिल्लर, भाजपा नेता करणसिंह चौधरी व पीसीसी सचिव एडवोकेट बिजेंद्र महलावत भी इसके लिए प्रयास कर रहे हैं।
सरपंच सुरेन्द्र चौधरी का कहना है कि शव को गांव तक लाने में करीब 25 से 30 लाख रुपए का खर्चा होने की संभावना है। विपिन के परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्होंने राज्य व केंद्र सरकार से आर्थिक मदद की अपील की है। इसके लिए स्थानीय स्तर पर भी सहयोग राशि एकत्रित करने की अपील की जा रही है।
Updated on:
04 Jan 2026 01:55 pm
Published on:
04 Jan 2026 01:54 pm
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