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Lok Sabha Elections: अब तीन महीने नया काम भूल जाओ, सरकार कुछ नहीं कर पाएगी

Lok Sabha Elections 2024: चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections) की तारीखों की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही देश में चुनावी आचार संहिता (Code of Conduct) लागू हो गई है। लोकसभा चुनाव 7 चरणों में आयोजित होंगे। इसके बाद 4 जून को परिणाम आएंगे। अलवर लोकसभा सीट पर पहले चरण में 19 अप्रैल को चुनाव होगा। आचार संहिता लागू होते ही इसका प्रभाव राजनीतिक दलों, पार्टियों के साथ ही आम जन पर पड़ेगा। चुनावी आचार संहिता का पालन करना सभी के लिए जरुरी होता है। आमतौर पर आचार संहिता को केवल राजनीतिक पार्टियों के लिए जरुरी समझा जाता है, लेकिन आज हम आपको बताते है कि आम जन के लिए भी आचार संहिता का पालन करना कैसे जरूरी है।

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Lok Sabha Elections 2024: आज चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections) की तारीखों की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही देश में चुनावी आचार संहिता (Code of Conduct) लागू हो गई है। लोकसभा चुनाव 7 चरणों में आयोजित होंगे। इसके बाद 4 जून को परिणाम आएंगे।

अलवर लोकसभा सीट पर पहले चरण में 19 अप्रैल को चुनाव होगा। आचार संहिता लागू होते ही इसका प्रभाव राजनीतिक दलों, पार्टियों के साथ ही आम जन पर पड़ेगा। चुनावी आचार संहिता का पालन करना सभी के लिए जरुरी होता है। आमतौर पर आचार संहिता को केवल राजनीतिक पार्टियों के लिए जरुरी समझा जाता है, लेकिन आज हम आपको बताते है कि आम जन के लिए भी आचार संहिता का पालन करना कैसे जरूरी है।

चुनाव की तैयारियों के लिए राजनीतिक पार्टियों ने कमर कस ली है और चुनाव की तैयारी में जुट गई हैं। अलवर जिले में इस बार लोकसभा चुनाव 2024 का मुकाबला दिलचस्प होगा। कांग्रेस ने अलवर लोकसभा सीट से मुंडावर विधायक ललित यादव को प्रत्याशी बनाया है वहीं, भाजपा ने भूपेंद्र यादव को प्रत्याशी बनाया है।

चुनाव आचार संहिता कब लागू होती है?
चुनाव आचार संहिता चुनाव की तारीख की घोषणा के साथ ही लागू हो जाती है और मतदान के परिणाम आने तक जारी रहती है।
चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने पर क्या होता है?
चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने पर चुनाव आयोग द्वारा उम्मीदवार या राजनीतिक दल को दंडित किया जा सकता है।

चुनाव आचार संहिता में कई काम नहीं होते हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख ये हैं।

सरकारी काम

नई योजनाओं की घोषणा या शुरुआत: चुनाव आयोग द्वारा अनुमति प्राप्त योजनाओं को छोड़कर, कोई भी नई योजना शुरू नहीं की जा सकती है।
सरकारी धन का उपयोग: चुनाव प्रचार के लिए सरकारी धन का उपयोग नहीं किया जा सकता है।
सरकारी मशीनरी का उपयोग: चुनाव प्रचार के लिए सरकारी मशीनरी, जैसे कि पुलिस, वाहन, आदि का उपयोग नहीं किया जा सकता है।
लोकार्पण समारोह: चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद कोई भी नया लोकार्पण समारोह आयोजित नहीं किया जा सकता है।

राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों द्वारा
लोकलुभावन घोषणाएं: राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को लोक लुभावन घोषणाएं करने से मना किया जाता है।
धार्मिक स्थलों का उपयोग: चुनाव प्रचार के लिए धार्मिक स्थलों का उपयोग नहीं किया जा सकता है।
जुलूस और रैलियां:चुनाव आयोग द्वारा अनुमति प्राप्त जुलूस और रैलियां ही आयोजित की जा सकती हैं।
मतदाताओं को डराना या धमकाना: मतदाताओं को डराना या धमकाना चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है।

आम जनता के लिए

मतदान केंद्रों के आसपास शराब बिक्री पर प्रतिबंध: मतदान केंद्रों के आसपास शराब बिक्री पर प्रतिबंध होता है।
मतदाताओं को डराना या धमकाना: मतदाताओं को डराना या धमकाना चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है।
मतदाताओं को प्रलोभन देना: मतदाताओं को वोट देने के लिए प्रलोभन देना चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है।

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