
Alwar News: अलवर। सरिस्का टाइगर रिजर्व के 6 गांवों को दूसरी जगह बसाने के लिए अब राजस्थान सरकार संबंधित ग्रामीणों को मुआवजा बढ़ाकर देगी। इसके लिए 6 गांवों का सर्वे होगा। उसके आधार पर मुआवजा तय होगा। प्रदेश सरकार ने कह दिया है कि ग्रामीणों को दूसरी जगह बसाने के लिए देय पैकेज को रिवाइज किया जाएगा। सरिस्का प्रशासन ने भी इसकी तैयारी शुरू कर दी है।
सरिस्का के छह गांवों में 1027 परिवार रहते हैं। इनमें से 427 दूसरी जगह शिफ्ट नहीं हो पाए। करीब 16 साल पहले तय हुआ था कि 21 साल तक की आयु के जो भी लोग होंगे उन्हें मुआवजा दिया जाएगा। ग्रामीणों को उसी समय विस्थापित किया जाना था, लेकिन नहीं हो पाया। 16 साल बीत गए। महंगाई बढ़ गई। जो 16 साल पहले किशोर थे, वह आज बड़े हो गए। 20 फीसदी युवाओं की शादी हो गई। उनके परिवार बन गए।
ऐसे में अब मुआवजे का आधार दोबारा तय होना है। इसी पर ग्रामीण भी अड़े हुए थे। सुप्रीम कोर्ट ने भी साफ कह दिया है कि इस साल के आखिर तक गांवों का पुनर्वास किया जाए, इसलिए सरकार पर दबाव भी है। उसी आधार पर अब सरकार ने मुआवजा पैकेज रिवाइज करने निर्णय लिया है।
ग्रामीण चाहते हैं कि उन्हें ऐसी जगह बसाया जाए, जहां जमीन उपजाऊ हो ताकि वह खेती करके परिवार पाल सकें। पशुपालन आदि कर सकें। कुछ ग्रामीणों की शिकायत है कि उन्हें रेतीली जमीन पर बसाया जा रहा था, इसलिए वह नहीं गए।
यह 6 गांव सरिस्का के कोर एरिया यानी सीटीएच में हैं। यहां पर टाइगर निवास करते हैं। उसी जगह लोग भी रहते हैं। ऐसे में बाघ भी आमजन से प्रभावित हो रहे हैं। जैसे ही गांव दूसरी जगह शिफ्ट होंगे तो करीब 400 वर्ग किमी एरिया सीटीएच का बढ़ जाएगा। टाइगर खुलकर सांस ले सकेंगे।
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सरकार ने बजट घोषणा में गांवों के विस्थापन के लिए देय पैकेज को रिवाइज करने के लिए कहा है। जैसे ही सरकार से आदेश मिलेंगे, उसी अनुसार काम आगे बढ़ाएंगे।
-अभिमन्यु सहारण, डीएफओ सरिस्का
Published on:
23 Mar 2025 03:19 pm
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