
अलवर में खनन माफियाओं ने पूरा पहाड़ ही काट डाला, विभाग की मिलीभगत
अलवर. जिले में बेलगाम अवैध खनन का ही परिणाम है कि कई पहाड़ अब अस्तित्व खो रहे हैं। खनन माफियाओं की बढ़ती लालसा ने पहाड़ों का सीना छलनी कर दिया, कहीं पूरा पहाड़ ही खत्म कर दिया। कुछ ऐसे ही हालात खैरथल के समीपवर्ती गांव ठेकड़ा में दिखाई पड़ते हैं। यहां कई सालों से खुलेआम अवैध खनन कर पहाड़ को ही काट कर दो हिस्सों में बांट दिया। लोकसभा उपचुनाव के बाद अलवर जिले में अवैध खनन फिर से पांव पसारने लगा है। खैरथल, अलवर के समीपवर्ती पहाड़ी क्षेत्र, रामगढ़, मालाखेड़ा, राजगढ़, बहरोड़ सहित अनेक स्थानों पर खनन माफिया हावी है। यही कारण है कि सुबह- शाम सड़कों पर पत्थरों से भरे ट्रैक्टर व डम्पर सरपट दौड़ते नजर आते हैं।
दिन भर होते हैं धमाके
ठेकड़ा ग्राम में पहाड़ों पर दिनभर खुलेआम विस्फोट होते हैं। धमाकों की आवाज काफी दूर तक जाती है, खुलेआम अवैध खनन के बावजूद यहां अवैध खनन रोकने की कार्रवाई कागजी रही है। अवैध खनन के धमाकों से परेशान होकर स्थानीय ग्रामीण अपने पशु बाहर चराने को मजबूर हैं।
ठेकड़ा में पहाड़ का अस्तित्व ही संकट में
अवैध खनन के चलते खैरथल के समीपवर्ती ठेकड़ा में अवैध खनन कर पहाड़ को बीच में से काट दिया। खनन माफिया यहीं नहीं रुका और अब उसके पीछे वाले पहाड़ को काट रहे हैं। यहां करीब 8-10 सालों से अवैध खनन हो रहा है। आसपास के ग्रामीणों ने परेशान होकर अवैध खनन की कई बार शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सीईसी टीम भी नहीं पहुंची
पिछले दिनों जिले में अवैध खनन का जायजा लेने आई सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (सीईसी) की टीम भी ठेकड़ा गांव के अवैध खनन स्थल तक नहीं पहुंच पाई। सीईसी टीम ने हरियाणा के सीमावर्ती क्षेत्रों में खनन स्थल का निरीक्षण जरूर किया। लेकिन टीम ठेकड़ा में चल रहे अवैध खनन तक नहीं पहुंच पाई।
पहाड़ के दूसरी ओर हैं कई घर
ठेकड़ा ग्राम में पहाड़ों की जिस श्रंृखला में अवैध खनन हो रहा है, उस पहाड़ के दूसरी ओर कई घर भी हैं। यहां रह रहे लोगों को अवैध खनन का सदैव भय सताता रहता है। पहाड़ों में दिन-रात हो रहे अवैध खनन के विस्फोट से इनका जीना मुश्किल हो गया है। विस्फोटक के धमाके से स्थानीय लोग भयभीत हो रहे हैं।
Published on:
16 Jul 2018 09:54 am
