
मत्स्य विश्वविद्यालय के भवन का अता-पता नहीं, लेकिन दूसरों को स्मार्ट बनाने का कर रहे दावा
अलवर. राजर्षि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय की स्थापना के पांच वर्ष बाद भी इसके भवन, बजट और स्टॉफ का अता-पता नहीं है। विश्वविद्यालय राज्यपाल के निर्देश की कागजी पालना करने के लिए पूरे गांव को स्मार्ट बनाने का दावा कर रहा है। दो साल बाद भी स्मार्ट विलेज बनाने के नाम पर यहां एक पौधा तक भी नहीं लगाया गया है।
राज्य सरकार ने एक अक्टूबर 2013 को मालाखेड़ा के समीपवर्ती ग्राम हल्दीना में विश्वविद्यालय की जमीन आवंटित की गई थी। राज्यपाल के निर्देश पर सभी विश्वविद्यालयों को एक गांव गोद लेकर स्मार्ट विलेज बनाना है। इन गांवों में मूलभूत सुविधाओं का विकास सहित यहां इस तरह विकास करना है जिससे ऐेसे गांवों को स्मार्ट विलेज के रूप में जाना जा सके।
मूलभूत सुविधाओं का अभाव
हल्दीना गांव में 700 घरों की बस्ती है। गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, आयुर्वेदिक औषधालय, उच्च प्राथमिक और सीनियर माध्यमिक विद्यालय पहले से ही संचालित हंै। गांव के भीतर जाने वाले सडक़ें क्षतिग्रस्त हैं। यहां जाने के लिए कोई सार्वजनिक वाहन नहीं है। सभी को व्यक्तिगत साधनों से गांव तक पहुंचना होता है। विश्वविद्यालय ने यहां अभी तक एक पैसे का भी विकास कार्य नहीं करवाया है।
विश्वविद्यालय यहां विकास कार्यों के लिए अन्य सरकारी विभागों को प्रेरित कर रहा है लेकिन इन कामों की गति बहुत धीमी है। विश्वविद्यालय भवन परिसर में ही दूर-दूर तक पेड़ नजर नहीं आ रहे हैं। यहां कुछ वर्षों बाद यदि परीक्षा और प्रशासनिक भवन बनकर काम तैयार हो जाएगा। यदि यहां अभी पेड़ नहीं लगाए तो यहां आने कई वर्षों तक पेड़ ही दिखाई नहीं देंगे।
हल्दीना गांव के विकास के लिए हम कई काम कर रहे हैं। इसके नोडल अधिकारी इसके लिए लगातार पत्र व्यवहार कर रहे हैं। यहां अब हम कई विकास कार्य करवाएंगे। हम हल्दीना को स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित करेंगे।
- डॉ. भरत सिंह, कुलपति, राजर्षि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय, अलवर।
एक पैसे का काम नहीं कराया
विश्वविद्यालय ने हल्दीना गांव में एक पैसे का भी काम नहीं करवाया है। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत विकास कार्य करवाए। गांव के विकास के लिए विश्वविद्यालय को आगे आना चाहिए। हमें विश्वविद्यालय से बहुत अधिक संभावना थी लेकिन यहां विकास का कोई काम नहीं हुआ है।
-पूनम चौधरी, सरपंच, हल्दीना।
Published on:
13 Jul 2018 08:47 am
