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नगर परिषद : अधिकारी व कर्मचारियों ने किया ऐसा काम, पार्षद ने शहर विधायक पर भ्रष्टाचार में शामिल होने का लगाया आरोप

2012 के पात्र आवेदकों की सूची चस्पा होगी, सात दिन में लॉटरी
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अलवर

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Prem Pathak

Jul 03, 2018

nagar parishad : scavengers recruitment in alwar

नगर परिषद : अधिकारी व कर्मचारियों ने किया ऐसा काम, पार्षद ने शहर विधायक पर भ्रष्टाचार में शामिल होने का लगाया आरोप

अलवर. नगर परिषद में सफाई कर्मचारियों की भर्ती की लॉटरी फिर से निकाली जाएगी। सात दिन में नए व पुराने आवेदन पत्रों को मिलाकर लॉटरी निकालने के आदेश दिए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि 27 जून को ही अलवर नगर परिषद ने 456 पदों के लिए लॉटरी निकाली थी। हालांकि लॉटरी के सफल आवेदकों की सूची को गोपनीय रखा गया। इस लॉटरी में भर्ती के आदेशों की अवहेलना की गई। भर्ती की विज्ञप्ति के अुनसार 2012 के पात्र आवेदकों को लॉटरी में शामिल किया जाना था। ऐसा नहीं करते हुए केवल नए आवेदकों को लॉटरी निकाल दी। इस मामले पर न्यायालय ने पहले ही सरकार को आदेश दे दिए थे। इसके बावजूद इस पर विचार नहीं किया गया जिसके कारण अब विभाग ने न्यायालय का हवाला देते हुए नगर परिषद आयुक्त को दुबारा लॉटरी निकालने के आदेश दिए हैं। पूरी प्रक्रिया सात दिन में की जाएगी। जल्दी पुराने आवेदकों की सूची चस्पा होगी। बताया जा रहा है पुरानी सूची मंगलवार को ही चस्पा हो सकती है। पुराने पात्र आवेदक करीब 1100 हैं। नए आवेदक 2016 हैं।

तीसरी बार निकलेगी लॉटरी

नगर परिषद में सफाई कर्मचारी भर्ती की तीसरी बार लॉटरी निकालने की तैयारी हो गई है। इससे पहले दो बार लॉटरी निकाली जा चुकी है। दोनों बार की लॉटरी अमान्य हो गई। अब तीसरी बार लॉटरी निकालने के बाद पात्र आवेदकों को नियुक्ति मिलेगी या नहीं कुछ कहा नहीं जा सकता। जबकि अलवर नगर परिषद में कई सालों से सफाई कर्मचारियों की भर्ती नहीं हुई है। जो बेरोजगारों से एक तरह की ठगी है।

दो पार्षदों ने दो दिन पहले ही बताया

पार्षद अजय पूनिया व धर्मेन्द्र मीणा ने दो दिन पहले ही यह बता दिया था कि आगामी दो दिन में लॉटरी नए सिरे से निकालने के आदेश आ जाएंगे। वैसा ही हुआ। अब पुराने आवेदकों को भी शामिल किया जाएगा। नेता प्रतिपक्ष नरेन्द्र मीणा भी पहले से कहते आ रहे हैं कि लॉटरी सफल तरीके से करने की जिम्मेदार अधिकारी व जनप्रतिनिधियों की मंशा नहीं है।

सभापति का इस्तीफा नहीं तो विधायक भी शामिल

पार्षद पूनिया ने कहा कि अब सभापति का इस्तीफा नहीं हुआ तो शहर विधायक भी भ्रष्टाचार के खेल में शामिल हैं। तभी ऐसा हो सकता है कि भर्ती प्रक्रिया में जारी विज्ञप्ति के नियमों की पालना जानबूझकर नहीं की गई ताकि सफाई ठेके में सबकी मिलीभगत चलती रहे।

विभाग ने कोर्ट के जरिए से जारी किए आदेशानुसार सात दिन में फिर से लॉटरी निकाली जाएगी जिसमें पुरानी भर्ती के आवेदकों को शामिल किया जाएगा।
अशोक खन्ना, सभापति, नगर परिषद अलवर