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अलवर पुलिस ने शुरु की नई पहल, नहीं बच पाएंगे बड़े रसूखदार, सजा दिलाने में रहेगी आसानी

अलवर पुलिस अब ऐसी व्यवस्था शुरु करने जा रही है। होगी नियमों की पालना।
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अलवर

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Prem Pathak

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Updated: 31 May 2018, 5:51 AM IST

New initiative of alwar police help to solve cases easily

अलवर पुलिस ने शुरु की नई पहल, नहीं बच पाएंगे बड़े रसूखदार, सजा दिलाने में रहेगी आसानी

अलवर. पुलिस पर पीडि़त के बयानों में कांट-छांट के आरोप अब नहीं लगेंगे। परिवादी भी बार-बार अपने बयान बदलने से डरेगा। अलवर में पुलिस ने एक नई पहल शुरू की है। पुलिस अब सभी प्रकरणों में गवाहों के बयानों की वीडियोग्राफी कराएगी। बाद में इसकी सीड़ी तैयार करा संबंधित मामले की फाइल के साथ लगाई जाएगी। इसका फायदा यह होगा कि न्यायालय में गवाह अपने बयान से नहीं मुकर सकेगा। पुलिस भी उसके बयानों में कांट-छांट नहीं कर सकेगी।

जिला पुलिस अधीक्षक के अनुसार अनुसंधान अधिकारी पर आए दिन गवाहों के बयान में कांट-छांट के आरोप लगते हैं। कई बार इसमें अनुसंधान अधिकारी गलत होता है तो कई बार गवाह झूठ बोलता है। अब प्रत्येक प्रकरण में गवाहों की वीडियोग्राफी कराने से ऐसे मामलों पर अंकुश लगेगा।

सजा दिलाने में रहेगी आसानी

पुलिस की नई व्यवस्था से अपराधियों को सजा दिलाने में आसानी आएगी। दरअसल, अब तक होता ये था कि अपराध होने के बाद अपराधी के खिलाफ पहले तो कई लोग बयान दे देेते थे। बाद में दबाव पडऩे पर वे कोर्ट में अपने बयान बदल लेते थे। नई व्यवस्था में बयानों के नहीं बदले जाने से अपराधियों को सजा दिलाना आसान रहेगा। साथ ही न्यायालय का भी समय बचेगा और मामलों के निस्तारण में तीव्रता आएगी। इसके साथ ही झूठे मुकदमें दर्ज कराने वालों के खिलाफ पुलिस धारा 182 के तहत कार्रवाई करेगी।

नहीं करते थे नियमों की पालना

नियम में प्रत्येक गवाह को बयान पढकऱ सुनाए जाने का प्रावधान है। लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं होता। न पुलिसकर्मी बयान पढकऱ सुनाते हैं और न गवाह इसकी मांग करता है। ऐसे में बयानों में कांट-छांट का अंदेशा बना रहता था। पुलिस अधीक्षक के अनुसार नई व्यवस्था में ऐसी आशंका नहीं रहेगी। गवाह जो बयान देगा, वह हमेशा-हमेशा के लिए रिकॉर्ड हो जाएगा। वह चाहकर भी इसमें फेरबदल नहीं कर सकेगा।

जिले के सभी थाना प्रभारियों को गवाहों के बयान की वीडियोग्राफी कराने के निर्देश दिए गए हैं। बयानों की सीडी तैयार करा अनुसंधान अधिकारी फाइल में भी लगाएगा। इससे झूठे प्रकरणों पर अंकुश लगेगा। न्यायालय का भी समय बचेगा।
राहुल प्रकाश, जिला पुलिस अधीक्षक अलवर।