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प्रसव पीड़ा से जूझ रही प्रसूता को इलाज के लिए करना पड़ा इतने घंटे इंतजार, अधिकारियों ने अस्पताल प्रशासन को लगाई लताड़

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अलवर

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Prem Pathak

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Updated: 4 Aug 2018, 4:21 PM IST

Pregnant Women Don't get treatment in alwar

प्रसव पीड़ा से जूझ रही प्रसूता को इलाज के लिए करना पड़ा इतने घंटे इंतजार, अधिकारियों ने अस्पताल प्रशासन को लगाई लताड़

अलवर के नौगांवा नौगांवा कस्बा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में शुक्रवार को स्वास्थ्य केन्द्र की लापरवाही के कारण एक प्रसूता महिला को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शेखमबास निवासी महिला सुदेश ने बताया कि वह सुबह 10 बजे अस्पताल में डिलीवरी के लिए आई। उसे पहले तो एक नर्स ने आधार कार्ड लाने को कहा और बाद में जब वो आधार कार्ड लेकर पहुंची तो वो नर्स अस्पताल से जा चुकी थी।

प्रसूता महिला सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक अस्पताल में प्रसव पीड़ा से कराहती रही और वह स्टाफ का इंतजार करती रही। शाम करीब 5 बजे जब इस लापरवाही की सूचना अधिकारियों को मिली तो बीसीएमओ रामगढ़ डॉ. केके मीणा स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचे और स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारी डॉ. विशान्त जैन सहित लापरवाह स्टाफ को लताड़ लगाई ।

डॉ.. मीणा ने बताया कि प्रसूता महिला के प्रसव को न करने की जानकारी फोन से प्राप्त हुई, जिसके बाद स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचकर नर्स अनिता यादव, नर्स हरलीन कौर और मेल नर्स पूरण सिंह यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। वहीं लापरवाही का दोषी पाए जाने पर नियमानुसार उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अनुपस्थित रहे कर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर में अनुपस्थिति दर्ज कर एक दिन के वेतन आहरित न करने के आदेश जारी किए गए हैं।

ग्रामीणों ने लगाए चिकित्सक पर लापरवाही के आरोप

शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नौगांवा पर बीसीएमओ रामगढ़ पहुंचे तो ग्रामीणों ने स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारी के मनमाने रवैये सहित ड्यूटी में कोताही के आरोप लगाए। ग्रामीणों ने बताया कि चिकित्सक अस्पताल परिसर के क्वार्टर पर नहीं रहता, जिसके कारण मरीजों को परेशानी होती है, वहीं चिकित्सक की दुव्र्यवहार की शिकायत भी की। इस पर डॉ. मीणा ने ग्रामीणों की शिकायत पर डॉ. विशान्त जैन को अस्पताल परिसर के क्वार्टर में रहने के लिए पाबंद किया और ड्यूटी में कोताही नहीं बरतने के आदेश ।

वार्ड में गन्दे बिस्तर, कूडे से भरे कूड़ेदान

स्वास्थ्य केन्द्र पर भर्ती किए गए मरीजों के लिए स्वास्थ्य केन्द्र पर कोई बेहतर व्यवस्था नहीं है । वार्ड में बेडों पर गन्दे गद्दे बगैर चादरों के बिछे हैं, वहीं मरीजों के पास ही कई दिनों के कचरा पात्र भरे हुए हैं।