
अलवर में छात्र ने पकड़ी थी प्रिंसिपल की कॉलर, अब अल्य व्याख्याताओं ने दिया यह बयान
अलवर. राजकीय कला महाविद्यालय में प्राचार्य की गिरेबान पकडऩे और उनके साथ अभद्र व्यवहार करने की घटना के प्रति अलवर जिले में शिक्षा जगत के साथ ही संवेदनशील लोगों में इसका अफसोस है।
इस मामले में पत्रिका ने शिक्षाविदें और विद्यार्थियों से बातचीत की तो सभी का कहना था कि इस तरह की घटना शिक्षा के मंदिर में होना कलंक है। युवाओं ने प्राचार्य का गिरेबान पकड़ कर बदतमीजी की है जिससे इस घटना को लेकर सभी में रोष है। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
इस विषय पर प्रमुख लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया इस प्रकार व्यक्त की।
विद्यार्थियों ने जिस प्रकार प्राचार्य की गिरेबान पकड़ी, यह अपने आपमें अफसोसजनक है जिसकी निंदा की जानी चाहिए। ऐसे विद्यार्थियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इस मामले में
अलवर जिले के सभी शिक्षक
एक जुट हैं।
डॉ. लोकेश भट्ट, पूर्व राजकीय महाविद्यालय, अलवर।
अलवर में इस तरह की घटनाएं बहुत कम हुई है। ऐसे युवाओं के कॉलेज में आने पर रोक लगनी चाहिए। जो युवा अपने गुरु के साथ ऐसा अभद्र व्यवहार करता है, उनको कॉलेज से बेदखल किया जाना चाहिए। उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
कमल यादव, पूर्व प्राचार्य, कॉलेज शिक्षा, अलवर।
अपनी बात मनवाने के लिए अभद्रता की राजनीति और अपने गुरुओं के साथ अपमानजनक व्यवहार सही नहीं है। एक छात्र नेता का आदर्श उचित नहीं है। ऐसे छात्र के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। कला महाविद्यालय के
प्राचार्य के साथ घटित घटना की जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है।
डॉ. कुमकुम कपूर, शिक्षाविद्, कॉलेज शिक्षा।
यह अधिकार तो किसी को भी नहीं है कि आप इस तरह अपने गुरु से व्यवहार करें। इस मामले में प्रशासन को कठोर
कदम उठाने चाहिए। विद्यार्थियों को अपने व्यवहार में गरिमा रखनी चाहिए। इस घटना से शिक्षकों में रोष है। इनके खिलाफ कार्रवाई होनी चहिए।
डॉ. सत्यभान यादव, व्याख्याता, राजकीय कला महाविद्यालय, अलवर।
अलवर में कभी भी गुरुओं के साथ शिष्यों ने अभद्र व्यवहार नहीं किया है। इस तरह का व्यवहार कौन लोग कर रहे हैं। इन्हें चिह्नित कर इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।
आरजी मीणा, प्रिंसीपल, बहरोड़ पीजी कॉलेज।
Updated on:
02 Aug 2018 03:03 pm
Published on:
02 Aug 2018 03:02 pm
