10 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Rajasthan Election 2023: चुनाव से पहले कांग्रेस को लगा झटका, एक साथ 14 नेताओं ने भाजपा का दामन थामा

Rajasthan Election 2023: राजस्थान में आगामी 25 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में अलवर लोकसभा क्षेत्र के तिजारा विधानसभा में कांग्रेस प्रत्याशी इमरान खान के विरोध में भिवाड़ी नगर परिषद के सभापति और उपसभापति सहित 14 कांग्रेसी पार्षद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए।
2 min read
Google source verification

अलवर

image

Rakesh Mishra

Nov 06, 2023

congress_leaders_join_bjp.jpg

rajasthan election 2023: राजस्थान में आगामी 25 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में अलवर लोकसभा क्षेत्र के तिजारा विधानसभा में कांग्रेस प्रत्याशी इमरान खान के विरोध में भिवाड़ी नगर परिषद के सभापति और उपसभापति सहित 14 कांग्रेसी पार्षद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। इन पार्षदों ने तिजारा से भाजपा के उम्मीदवार महंत बालक नाथ को अपना समर्थन दिया है।

यह भी पढ़ें- Rajasthan Chunav 2023: आखिरी समय में हनुमान बेनीवाल ने भाजपा में की सेंधमारी, 2 पूर्व विधायकों ने की बगावत

कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए भिवाड़ी नगर परिषद के सभापति शीशराम तंवर ने कांग्रेस पर तिजारा का टिकट बेचने का आरोप लगाया। तंवर ने आरोप लगाया कि इमरान खान ने कांग्रेस के टिकट के लिए बायोडाटा तक नहीं दिया और उन्हें टिकट दे दी गई। इस कारण टिकट वितरण से असंतुष्ट होकर वे भाजपा में शामिल हुए है। तिजारा विधानसभा सीट से वर्तमान में संदीप यादव विधायक हैं जो पहले भाजपा में थे और वर्ष 2018 में टिकट नहीं मिलने पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का टिकट पर चुनाव जीता था। उन्हें भी इस बार बहुत तिजारा विधानसभा से टिकट नहीं मिला। हालांकि उन्होंने तिजारा से टिकट की दावेदारी नहीं की थी वह किशनगढ़ बास विधानसभा से कांग्रेस की टिकट मांग रहे थे।

यह भी पढ़ें- Rajasthan Chunav 2023: इस चुनाव में एक बागी नेता ने कांग्रेस और भाजपा दोनों के उड़ा दिए होश

वहीं धर्म स्थलों पर टिप्पणी करने के मामले में भाजपा ने कदम उठाते हुए भिवाड़ी नगर परिषद के पूर्व सभापति संदीप दायमा को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। दायता ने तिजारा में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में जनसभा में गुरुद्वारों को लेकर बयान दिया था। हालांकि उसके बाद दायमा ने बयान पर माफी मांगते हुए गुरुद्वारे में सेवा की, लेकिन पंजाब के नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह सहित कई नेताओं ने इस मामले को गंभीरता से लिया। इस बयान के बाद सिख समाज में आक्रोश था। भाजपा के प्रदेश अनुशासन समिति के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत ने दायमा को भाजपा से निष्कासन कर दिया।