
Lok Sabha Elections : लोकसभा चुनाव के दिन नजदीक आने के साथ ही सियासी सरगर्मी भी बढ़ती जा रही है। बीजेपी ने राजस्थान की अलवर लोकसभा सीट से केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव को टिकट दिया है तो कांग्रेस ने भी अपने पत्ते खोले और युवा विधायक ललित यादव को उम्मीदवार बनाकर मुकाबला को न केवल दिलचस्प बनाया है बल्कि सियासी समीकरणों में हलचल पैदा कर दी है।
बीजेपी के एक तरफ भूपेंद्र यादव अनुभवी नेता है। दूसरी ओर कांग्रेस की तरफ से युवा ललित यादव को उतारा जा रहा है। इसको लेकर सियासी समीकरणों में हलचल पैदा हो गई है। युवाओं का भारी झुकाव कांग्रेस उम्मीदवार की ओर देखा जा रहा है। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के लिए यहां से जीतना आसान नहीं होगा।
ललित यादव वही विधायक हैं जिन्होंने अलवर जिले की सभी विधानसभाओं में सबसे अधिक मतों से जीत हासिल की थी। अलवर जिले में 11 विधानसभा सीटों में करीब चार विधानसभा यादव बाहुल्य हैं। ऐसे में दोनों के बीच कड़े टक्कर की उम्मीद है। हालांकि अलवर लोकसभा सीट पर अब तक बीजेपी का दबदबा रहा है। बीजेपी ने लगातार दो बार अलवर लोकसभा सीट जीती है। बाबा बालक नाथ लगातार दो बार से सांसद हैं लेकिन उन्हें इस बार विधानसभा चुनाव लड़ाया गया।
यह यादवों का गढ़ है जहां कांग्रेस ने लगातार दो असफलताओं के बाद अलवर राजघराने के वंशज और राजपूत जितेंद्र सिंह की जगह एक यादव को मैदान में उतारा है। भाजपा ने अपने दो बार के सांसद बाबा बालक नाथ की जगह केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव को टिकट दिया है।
दरअसल, भपेंद्र यादव को बाहरी होने का नुकसान हो सकता है। बीजेपी नेता भूपेंद्र यादव को वोट मांगने के लिए मोदी सरकार की तरफ से किए गए कार्य गिनाने के अलावा दूसरा विकल्प नहीं है। भूपेंद्र यादव को विधानसभा या लोकसभा चुनाव लड़ने का कोई अनुभव नहीं है। जबकि उसके विपरीत कांग्रेस प्रत्याशी ललित यादव को स्थानीय का लाभ हैं, क्षेत्र में मजबूत पकड़ है और युवाओं की फैन फॉलोइंग भी काफी तादाद में है। युवा होने के नाते स्थानीय ललित यादव को भविष्य के रूप में देख सकते हैं।
अलवर सीट से कांग्रेस प्रत्याशी ललित यादव एक उभरता सितारा हैं। उन्होंने अपना राजनीतिक करियर बसपा से शुरू किया और बाद में कांग्रेस में चले गए। ललित ने 2018 का विधानसभा चुनाव मुंडावर से बसपा के टिकट पर लड़ा और दूसरे स्थान पर रहे। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें टिकट दिया और उन्होंने भारी जीत हासिल की। उन्होंने मुंडावर सीट 34,256 वोटों के अंतर से जीती। बेहद सक्रिय नेता हैं। आस-पास के 3-4 विधानसभा क्षेत्रों में ललित यादव की हर समाज और वर्गों में लोकप्रियता है।
भपेंद्र यादव का जन्म 30 जून 1969 को अजमेर, राजस्थान में हुआ था। उन्होंने अपनी स्नातक की डिग्री और बैचलर ऑफ लॉ की डिग्री सरकारी कॉलेज, अजमेर से प्राप्त की। उन्होंने साल 2000 में एक छात्र संघ नेता के रूप में शुरुआत की, फिर उन्हें अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद का महासचिव नियुक्त किया गया और 2009 तक इस पद पर रहे।
यादव को 2010 में तत्कालीन राष्ट्रीय पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी द्वारा भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सचिव के रूप में नियुक्त किया गया था। 4 अप्रैल 2012 को उन्हें पहली बार राज्यसभा सांसद के रूप में चुना गया। बीजेपी के समर्थन से भपेंद्र यादव राजस्थान से ही दो बार राज्यसभा भेजे गए। इससे बाद विभिन्न पदों पर कार्य करते हुए 2021 में, यादव को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन और श्रम और रोजगार के कैबिनेट मंत्री के रूप में मोदी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। फिलहाल वह भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं।
Published on:
14 Mar 2024 04:39 pm
