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Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन पर 95 साल बाद बन रहा ये दुर्लभ महासंयोग, जानिए राखी बांधने का श्रेष्ठ समय

Raksha Bandhan 2025: इस बार रक्षा बंधन पर 95 साल बाद वहीं दुर्लभ संयोग बन रहा है जो वर्ष 1930 में बना था।

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अलवर

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Santosh Trivedi

Aug 07, 2025

Raksha bandha 2025

Photo- Patrika

Raksha Bandhan 2025: इस बार रक्षा बंधन का पर्व बेहद खास रहने वाला है। इस दिन 95 साल बाद वहीं दुर्लभ संयोग बन रहा है जो वर्ष 1930 में बना था। पंचांग के अनुसार, इस बार रक्षा बंधन 9 अगस्त को मनाया जाएगा, जब नक्षत्र, तिथि और योग 1930 के रक्षा बंधन जैसे ही होंगे। उस समय भी शनिवार था, और इस बार भी रक्षाबंधन शनिवार को ही आ रहा है।

Raksha Bandhan Bhadra Time 2025: 8 अगस्त को भद्रा काल रहेगा

रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व है, जो हर साल सावन पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और भाई उनकी रक्षा का वचन देते हैं।

राजस्थान के खैरथल के लक्ष्मी नारायण मंदिर के महंत शशि भूषण गल्याण मिश्र ने बताया की इस साल पंचांग के अनुसार, सावन पूर्णिमा की तिथि 8 अगस्त दोपहर 2:12 बजे से शुरू होकर 9 अगस्त दोपहर 1:24 बजे तक रहेगी।

लेकिन 8 अगस्त को भद्रा काल रहेगा, जो 9 अगस्त तड़के 1:52 बजे तक चलेगा। इसलिए राखी बांधने का श्रेष्ठ समय 9 अगस्त को सुबह 5:21 बजे से दोपहर 1:24 बजे तक रहेगा।

Raksha Bandhan Muhurat: रक्षाबंधन 2025 आध्यात्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण

इस बार रक्षाबंधन पर सौभाग्य योग, शोभन योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, श्रवण नक्षत्र, बव और बालव करण का भी संयोग बन रहा है। इन योगों में रक्षा बंधन का पर्व मनाना अत्यंत शुभ माना जाता है।

मिश्र ने बताया की मान्यता है कि इस शुभ समय में लक्ष्मी-नारायण की पूजा कर राखी बांधने से घर में समृद्धि और सौहार्द बढ़ता है।

1930 में भी रक्षाबंधन 9 अगस्त को ही पड़ा था और तब भी सौभाग्य योग, श्रवण नक्षत्र और बालव करण मौजूद थे। ऐसे में इस बार का रक्षाबंधन आध्यात्मिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है।

बाजार में रौनक का माहौल

खैरथल के बाजारों में इस समय रौनक का माहौल है। राखियों, कपड़ों और उपहारों की दुकानों पर भीड़ उमड़ रही है। बाजार में तरह-तरह की राखियां, बच्चों के लिए कार्टून थीम वाली राखियां, बहनों के लिए गिफ्ट पैक, भाईयों के लिए कुर्ते-पायजामे और घर की सजावट से संबंधित सामग्री की भरमार है।

दुकानदारों का कहना है कि इस बार महंगाई के बावजूद ग्राहकों की संख्या में अच्छी खासी बढ़ोतरी हुई है। इस बार राखियों में पारंपरिक और डिजाइनर दोनों ही प्रकार की मांग है। 10 रुपए से लेकर 500 रुपये तक की राखियां बाजार में उपलब्ध हैं।

इधर मिठाई विक्रेताओं ने भी नए-नए स्वाद और डिजाइनों की मिठाइयां बाजार में उतारी हैं। वहीं पर्व को लेकर जहां एक ओर बाजार में रौनक है, वहीं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी राखियों और उपहारों की बंपर बिक्री हो रही है। कई बहनों के द्वारा रखी की खरीदी ऑनलाइन की जा रही है।

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