scriptजनता के लिए बड़ी खुशखबरी, सरकार के बड़े कदम से इस बेहद जरूरी चीज के दामों में आई जबरदस्त गिरावट | Relief news for common people, wheat price reduced by Rs 250 per quintal | Patrika News

जनता के लिए बड़ी खुशखबरी, सरकार के बड़े कदम से इस बेहद जरूरी चीज के दामों में आई जबरदस्त गिरावट

locationअलवरPublished: Dec 23, 2023 11:42:11 am

Submitted by:

santosh

बढ़ती महंगाई के बीच आमजन के लिए राहत भरी खबर आई है। केन्द्र सरकार की ओर से खुले बाजार में सस्ते आटे की बिक्री की जा रही है। इससे गेहूं के भाव में भी करीब 250 रुपए की कमी आई है।

pm_modi.jpg

बढ़ती महंगाई के बीच आमजन के लिए राहत भरी खबर आई है। केन्द्र सरकार की ओर से खुले बाजार में सस्ते आटे की बिक्री की जा रही है। इससे गेहूं के भाव में भी करीब 250 रुपए की कमी आई है। जानकारी के अनुसार दिसंबर के शुरू में अलवर की कृषि उपज मंडी में गेहूं के भाव 2575 से 2700 रुपए प्रति क्विंटल थे। जो दिसंबर के प्रथम सप्ताह में 2550 से 2650 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गए। जबकि पखवाड़ा पूरा होते-होते गेहूं के भाव 2400 से 2550 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गए। वहीं, वर्तमान में अलवर मंडी में गेहूं के भाव 2350 से 2450 रुपए प्रति क्विंटल है।

भाव नियंत्रित करने के लिए उठाए कदम
सरकार की ओर से मंहगाई पर नियंत्रण के लिए कदम उठाए गए हैं। इसके तहत आमजन को सस्ता आटा उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए सरकार की ओर से आटा मील संचालकों को रियायती दरों पर गेहूं उपलब्ध कराया जा रहा है। जो खुले बाजार में भारत आटा के नाम से आमजन को 27.50 रुपए किलो के हिसाब से विक्रय किया जा रहा है। इससे गेहूं के भाव में भी कमी आई है।

यह भी पढ़ें

मोदी सरकार ने राजस्थान को दिया नववर्ष का शानदार तोहफा

अभी 300 से 400 कट्टे की आवक
पिछले दिनों गेहूं के भाव में तेजी की संभावना जताई जा रही थी। इसको देखते हुए सरकार की ओर से सस्ती दरों पर आटा उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे गेहूं के भाव प्रभावित हो रहे हैं। फिलहाल अलवर मंडी में प्रतिदिन करीब 300 से 400 कट्टे गेहूं की आवक हो रही है। जबकि सीजन में अप्रेल से जुलाई तक मंडी में प्रतिदिन करीब10 से 15 हजार कट्टों की आवक होती है।

भाव स्थिर रहने की संभावना
सरकार की ओर से खुले बाजार में सस्ता आटा उपलब्ध कराने से गेहूं के भाव में मंदी आई है। वहीं, आगामी दिनों में भी गेहूं के भाव स्थिर रहने की संभावना है।
– दिलीप गोयल, मंडी व्यापारी।


यह भी पढ़ें

अब खातेदारों को नहीं काटने पड़ेंगे पटवारी और तहसीलदार के चक्कर

loksabha entry point

ट्रेंडिंग वीडियो