
प्रतीकात्मक तस्वीर
सोडावास। अलवर बहरोड़ वाया सोडावास स्टेट हाईवे 14 के अब दिन बदलने वाले हैं। हाईवे की डीपीआर को मंजूरी मिल चुकी है। अब सार्वजनिक निर्माण विभाग इस कदम को आगे बढ़ाने में लग चुका है।
स्टेट हाईवे 14 अलवर बहरोड़ वाया सोडावास मार्ग पर दिनों दिन वाहनों का दबाव बढ़ता जा रहा है। दो लाइन के हाईवे पर बीच में डिवाइडर नहीं होने से ओवरटेक करने के दौरान कई वाहनों में आमने-सामने की भिड़ंत होने से कई मौत हो चुकी है।
अलवर बहरोड़ वाया सोडावास मार्ग 65 किलोमीटर आखिरकार फोरलेन बनने की राह पर है। यूपी, एमपी और भरतपुर जिले से खाटू श्यामजी व सालासर बालाजी, गोगाजी हनुमानगढ़ जाने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए यह मार्ग सबसे सीधा और कम समय वाला विकल्प है।
लेकिन दो लाइन का यह हाईवे बिना डिवाइडर और ओवरट्रैकिंग के चलते खतरनाक बना हुआ है। बीते कुछ वर्ष में इस मार्ग पर हुए हादसों ने कई परिवारों को झकझोर कर रख दिया है।
खासतौर से यूपी से खाटूश्याम जी, सालासर, गोगामेड़ी (नोहर भादरा ) जाने वाले श्रद्धालु इस मार्ग पर सबसे ज्यादा हादसों का शिकार बने हैं। बढ़ते हादसों का ग्राफ पुलिस और प्रशासन के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
हाईवे के फोरलाइन की मांग को लेकर मुंडावर पूर्व विधायक मनजीत धर्मपाल चौधरी, जिला प्रमुख बलबीर छिल्लर, प्रधान महेश गुप्ता कालूका, सोडावास सरपंच सरजीत चौधरी, सामाजिक कार्यकर्ता सम्मी चौधरी पूर्व प्रधान पीपली , इन्द्र यादव भाजपा नेता कृष्ण नगर,अनिल शर्मा सोडावास, प्रदीप शेरावत, मनोज जांगिड़ पीपली ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से मांग कर मुद्दा उठाया था। अब जल्दी ही सोडावास अलवर बहरोड़ स्टेट हाईवे 14 सुरक्षित चौड़ा और व्यवस्थित मार्ग बनेगा।
Updated on:
20 Aug 2025, 7:33 PM IST
Published on:
20 Aug 2025, 7:26 PM IST
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