
फाइल फोटो
अलवर। सरिस्का एक अक्टूबर को खुलने जा रहा है। इसकी तैयारियां की जा रही हैं, लेकिन इस बार सरिस्का में 9 साल पुरानी जिप्सियों से पर्यटक नहीं घूम पाएंगे। सरिस्का प्रशासन ने कहा है कि जिप्सियां मानकों पर फिट होंगी तभी जंगल में जाने की अनुमति मिलेगी। इस नियम से सरिस्का में चलने वाली 50 फीसदी जिप्सियां बाहर हो जाएंगी। जिप्सी संचालक चिंतित हैं। उनका तर्क है कि नई गाड़ी आ ही नहीं रही। पुरानी गाड़ियां भी गिनती की बची हैं।
हाल ही सुप्रीम कोर्ट में सेंट्रल एपावर्ड कमेटी ने सिफारिश की है कि इलेक्ट्रिक व्हीकल चलाए जाएं। ऐसे में पांडुपोल तक ईवी बसें संचालित होंगी। सफारी पर भी नियम ये लागू है कि 9 साल पुरानी होगी तो संचालन नहीं होगा। धुआं अधिक निकलता है। साथ ही शोर भी बढ़ता है। गाड़ी फिट होने पर जंगल व जीवों को नुकसान कम होता है।
सरिस्का में इस समय करीब 55 जिप्सियां पंजीकृत हैं। कैंटर भी करीब आधा दर्जन हैं। नए आदेश के मुताबिक करीब 25 जिप्सी बाहर हो जाएंगी। क्योंकि वह 9 साल पुरानी हैं। सर्दियों के मौसम में यानी अक्टूबर से लेकर मार्च तक सरिस्का का पीक होता है। गाड़ियां मिल नहीं पाती हैं। भीड़ ज्यादा उमड़ती है। साथ ही ऑनलाइन भी बुकिंग होती हैं।
सरिस्का इस समय बंद है। बारिश के कारण सभी रास्ते खराब हैं। इन्हें ठीक करने का काम 10 सितंबर से शुरू होगा। 20 दिन तक रास्ते की मरम्मत होगी। बारिश लगातार आ रही है। जानकारों का कहना है कि बारिश इस माह चलती रही तो रास्तों को ठीक कर पाना आसान नहीं होगा।
नियमों का पालन कराना जरूरी है। ऐसे में 9 साल पुरानी सफारी का पंजीकरण नहीं हो पाएगा। नई जिप्सी ही चल पाएंगी। इनकी व्यवस्था कर ली जाएगी। पर्यटकों को परेशानी नहीं होगी। सरिस्का के खराब रास्तों को भी समय पर ठीक कर लिया जाएगा।
-संग्राम सिंह, क्षेत्रीय निदेशक, सरिस्का टाइगर रिजर्व
Published on:
08 Sept 2024 02:31 pm
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