
Police team in Bandarchua jungle
अंबिकापुर. विधानसभा चुनाव की तिथि नजदीक आते ही बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के छत्तीसगढ़-झारखंड सरहद पर नक्सली फिर से अपनी उपस्थिति दर्ज कराने लगे हैं। पिछले 4 दिनों में दो घटनाओं में 4 आइइडी ब्लास्ट ने इसकी पुष्टि करने पर विवश कर दिया है।
3 दिन पूर्व बंदरचुआ जंगल में 2 आइइडी ब्लास्ट में चरवाहे और मवेशी की मौत हो गई थी। शुक्रवार की दोपहर फिर 2 धमाके हुए, इसमें 2 मवेशियों की मौत हो गई। सूचना मिलते ही बलरामपुर एडिशनल एसपी पंकज शुक्ला बम व डॉग स्क्वायड के साथ शनिवार को मौके पर पहुंचे। टीम ने वहां जांच की।
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सामरी थाना क्षेत्र अंतर्गत झारखंड सीमा से लगे पुंदाग से आगे बंदरचुआ इलाके में लाल आतंक फिर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने लगा है। 2 नवंबर की दोपहर बंदरचुआ जंगल में एक-एक कर दो आइइडी ब्लास्ट हुआ। नक्सलियों ने इस जंगल में फोर्स की मूवमेंट को देखते हुए आइइडी बिछा रखी है।
पिछले 4 दिन के भीतर 4 ब्लास्ट में हालांकि फोर्स को तो कोई नुकसान नहीं पहुंचा लेकिन 1 चरवाहे और 3 मवेशियों की मौत जरूर हो चुकी है। नक्सलियों की इस करतूत ने पुलिस को सोचने पर विवश कर दिया है।
टीम के साथ पहुंचे एएसपी
आइइडी ब्लास्ट की सूचना पर बलरामपुर जिले के एएसपी पंकज शुक्ला बम निरोधक दस्ते व डॉग स्क्वायड की टीम के साथ शनिवार की दोपहर बंदरचुआ के जंगल में पहुंचे।
उन्होंने मौके पर जांच की और वहां के लोगों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पंकज शुक्ला ने बताया कि मारे गए दोनों मवेशी ग्राम नवाडीह के लक्ष्मण यादव के हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने उस इलाके में सर्चिंग तेज कर दी है।
Published on:
03 Nov 2018 05:08 pm
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