इस पर एसीबी की टीम ने सबूत इकट्ठा कर शुक्रवार की तिथि तय की। योजना के अनुसार टीम मनेंद्रगढ़ जनपद कार्यालय पहुंची। यहां पीडि़त को उन्होंने केमिकल लगे 19 हजार रुपए देकर लेखापाल के पास भेजा। लेखापाल ने जैसे ही ये रुपए लिए, वहां पहले से मौजूद एसीबी की टीम ने उसे रुपए के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।