
Police on the spot
अंबिकापुर. बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सामरी थाना अंतर्गत बंदरचुआं के बूढ़ाआंबा से 28 अप्रैल की सुबह नक्सलियों ने निर्माण कार्य में लगे 5 वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। वहीं पीएमजीएसवाई के सब-इंजीनियर व 2 मुंशी को अगवा कर ले गए थे। एक मुंशी की ले जाने के दौरान तबीयत खराब हो जाने से उसे छोड़ दिया था।
जबकि सब-इंजीनियर व एक मुंशी को वे अपने साथ ले गए थे। इससे प्रशासन व पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ था। 11 दिन बाद नक्सलियों ने दोनों को रिहा कर दिया है। हालांकि इस संबंध में पुलिस कुछ भी बताने से बच रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस इस मामले का खुलासा गुरुवार को करेगी।
गौरतलब है कि पीएमजीएसवाई द्वारा झारखंड बार्डर पर बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सामरी थाना क्षेत्र अंतर्गत सबाग से चुनचुना-पुंदाग तक सड़क का निर्माण कार्य चल रहा था। सबाग से बंदरचुआं तक सड़क बन चुकी है, आगे का काम किया जा रहा था। इसी बीच 28 अप्रैल की सुबह लगभग 11 बजे 30-40 की संख्या में वर्दीधारी हथियारबंद माओवादी बंदरचुआं के आगे बूढ़ाआम्बा नामक स्थान पर पहुंचे और सड़क का काम बंद करा दिया।
माओवादियों ने सबसे पहले ठेकेदार के दो मुंशी 50 वर्षीय राजू गुप्ता, 40 वर्षीय शंकर बिहारी व पीएमजीएसवाई के सब इंजीनियर पेत्रस डूंगडूंग को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद सड़क निर्माण कार्य में लगी तीन हाइवा, एक जेसीबी व एक रोलर को आग के हवाले कर दिया था।
उत्पात मचाने के बाद माओवादी दोनों मुंशी व सब-इंजीनियर को भी अपने साथ ले गए थे। मुंशी राजू गुप्ता को उन्होंने उसी रात को तबीयत खराब हो जाने के कारण छोड़ दिया था। नक्सलियों द्वारा अगवा किए जाने के बाद पुलिस व सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने अपनी सर्चिंग तेज कर दी थी। पुलिस द्वारा मध्यस्थों के माध्यम से दोनों को रिहा कर देने की पहल की जा रही थी।
इसी बीच 9 मई को उन्होंने सब-इंजीनियर व मुंशी को रिहा कर दिया। हालांकि इस मामले में पुलिस अभी कुछ नहीं बता रही है। बताया जा रहा है कि नक्सलियों के चंगुल से छूटकर दोनों सबाग तक पहुंच चुके हैं। गुरुवार को उन्हें सामरी लाया जाएगा। इसके बाद पुलिस मामले का खुलासा करेगी।
पत्नी व विधायक ने छोडऩे की थी अपील
नक्सलियों द्वारा अगवा कर लिए जाने के बाद सब-इंजीनियर की पत्नी ने उनसे अपनी पति को छोड़ दिए जाने की गुहार लगाई थी। वहीं सामरी विधायक ने भी नक्सलियों से दोनों को छोडऩे की अपील की थी।
Published on:
09 May 2018 08:12 pm
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