
Injured ASI
बैकुंठपुर. सूरजपुर जिले के ओडग़ी थाने में पदस्थ एएसआई और उनके ड्राइवर के साथ कोरिया जिले के रनई में अज्ञात लोगों ने बेरहमी से मारपीट की। ड्रायवर किसी तरह जान बचाकर गाड़ी लेकर भाग खड़ा हुआ। जबकि एएसआई को हमलावरों ने मुख्य मार्ग से 100 मीटर दूर गड्ढे के पास फेंक दिया। सुबह वहां से गुजर रहे ग्रामीणों ने एएसआई को गंभीर हालत में देखकर पटना थाने में सूचना दी।
सूचना मिलते ही पटना पुलिस ने मौके पर पहुंच सडक किनारें बेहोश पडे एएसआई को बैकुंठपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां प्राथमिक उपचार के पश्चात उसकी नाजुक हालत को देखते हुए अपोलो बिलासपुर रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि अस्पताल में अव्यवस्था के कारण एएसआई को ले जाने में करीब 2 घंटे का विलंब हो गया। पुलिस अज्ञात हमलावरों की खोजबीन में जुट गई है।
कोरिया जिले के ग्राम धनेशपुर निवासी राजेश प्रताप सिंह 40 वर्ष सूरजपुर जिले के ओडग़ी थाने में एएसआई के पद पर पदस्थ हैं। सुबह वे अपने ड्राइवर के साथ गश्त पर निकले थे। घायल ड्रायवर की मानें तो सुबह 6.30 बजे उनके साथ रनई के ग्राम बांसपारा में मारपीट की गई, ड्रायवर के सिर, पेट, हाथ में गंभीर चोटें आई और वह किसी तरह वहां से भाग खडा हुआ। जबकि एएसआई को कई लोग काफी बेरहमी से देर तक पीटते रहे। इसके बाद उन्हें सड़क से 100 मीटर दूर निर्माणाधीन मकान के गड्ढे के पास बेहोशी की हालत में फेंक कर भाग गए। इधर घायल ड्रायवर गाड़ी लेकर ओडग़ी पहुंचा और मामले की जानकारी अधिकारियों को दी।
इधर कोरिया एसपी ने गंभीर रूप से घायल ड्रायवर से पूछताछ की, जिसके बाद आरोपियों की तलाश में अलग अलग टीम बनाकर कार्रवाई करने की रणनीति बनाई गई है। पुलिस का कहना है फिलहाल मारपीट की स्पष्ट वजह सामने नहीं आ पाई है, आरोपियों की धरपकड के बाद ही मामले की सच्चाई सामने आएगी।
ग्रामीणों ने बेहोश पड़ा देखा
ग्राम रनई के ग्रामीणों ने सुबह एएसआई को घटनास्थल पर पड़ा देखा तथा इसकी सूचना पटना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और एएसआई को करीब 8 बजे जिला अस्पताल बैकुंठपुर में भर्ती कराया। यहां डॉ. रामेश्वर शर्मा ने प्राथमिक उपचार पश्चात घायल एएसआई को अपोलो बिलासपुर के लिए रेफर कर दिया। इस दौरान उन्होंने अपोलो के डॉक्टरों से बातचीत भी की।
अस्पताल में दिखी अव्यवस्था
डॉक्टर द्वारा समय रहते घायल एएसआई को रेफर कर दिया गया था लेकिन एंबुलेंस, ऑक्सीजन और अन्य व्यवस्था करने में दो घंटे लग गए। ऐसे में आम मरीजों के साथ होने वाली दिक्कतों को आसानी से समझा जा सकता है।
बिना वर्दी दूसरे थाना क्षेत्र में गश्त पर सवाल
बताया जा रहा है कि एएसआई गश्त पर अपने थाना क्षेत्र में ड्राइवर के साथ निकले थे। लेकिन अब सवाल यह उठता है कि वे अपने थाना क्षेत्र को छोड़कर कोरिया जिले के पटना थाना क्षेत्र में कैसे पहुंच गए। सूत्रों के अनुसार एएसआई की जेब में 6 हजार रुपए नकद तथा सोने की चेन भी मिली है।
Updated on:
16 Dec 2017 01:23 pm
Published on:
16 Dec 2017 01:02 pm
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