15 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बेरिकेटिंग कर बंद कर दिए गांव के सभी रास्ते, ग्रामीणों ने लागू किए कड़े नियम, इस डर से नहीं करा रहे जांच

Covid-19: कोरोना संक्रमण (Corona) रोकने ग्रामीणों की पहल, शहर (City) की अपेक्षा अब ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना का बढ़ा खतरा, नियमों का पालन करने गांव वालों को दी जा रही समझाइश

2 min read
Google source verification
Barikating in village

Baricating

अंबिकापुर. कोरोना संक्रमण (Corona positive) अब शहर से ग्रामीण क्षेत्रों में रूख करने लगा है। जिले के कई ऐसे गांव है जहां ज्यादा प्रकोप दिख रहा है। लखनपुर में पिछले कुछ दिनों से ज्यादा कोरोना संक्रमित पाए जा रहे हैं। दो दिन के अंदर 141 कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।

वहीं उदयपुर, बतौली, सीतापुर, मैनपाट, लुण्ड्रा में भी दर्जनों की संख्या में हर दिन पॉजिटिव केस मिल रहे हैं। गांवों में कोरोना की रफ्तार को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा नियमों का पालन करने लोगों से आग्रह कर घरों में रहने की समझाइश दी गई है। इसका कुछ असर भी दिख रहा है। अम्बिकापुर के ग्राम पंचायत सुखरी में ग्रामीणों ने गांव के अंदर प्रवेश वाले सभी मार्गों को बेरिकेट लगाकर बंद कर दिया है।

Read More: कलक्टर बोले- गांवों में इस वजह से बढ़ रहा कोरोना, अब की जाएगी और सख्ती


गांव वालों ने बताया कि कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। गांव के लोग सुरक्षित रहें, इसे लेकर यह बेरिकेटिंग की गई है। गांव के अंदर-बाहर से आने वाले सभी लोगों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही गांव के लोगों को घरों में रहने व बाहर नहीं जाने की सलाह दी गई है, जिससे संक्रमण गांव में न फैल सके और गांव के लोग सुरक्षित रहें।

IMAGE CREDIT: Corona test

अतिआवश्यक होने पर ही लोगों को आने-जाने की अनुमति दी जा रही है। साथ गांव में बेवजह घूमने पर प्रतिबंध भी लगा दिया गया है। बिना मास्क के आने वाले लोगों को गांव के लोगों द्वारा मास्क उपलब्ध कराया जा रहा है और शासन प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया जा रहा है।


नियमों का पालन करने दी जा रही समझाइश
गांवों में कोरोना की रफ्तार को देखते हुए जिला प्रशासन (District Administration) द्वारा नियमों का पालन करने लोगों से आग्रह कर घरों में रहने की समझाइश दी गई है।

साथ ही आपस में दूरी बना कर रखने, एक साथ चार से पांच की संख्या में उपस्थित न होने, हर समय मास्क लगाने व हर आधे घंटे में साबून से हाथ धोते रहने की समझाइश दी जा रही है।

Read More: कलक्टर बोले- गांवों में बढ़ा कोरोना तो हो जाएगी मुश्किल, इलाके को कंटेनमेंट करना ही एक मात्र विकल्प


ग्रामीण डर से नहीं करा रहे जांच
ग्रामीण क्षेत्र के लोग कोरोना के प्रति अभी भी लापरवाह हैं। मौसमी बीमारी व सर्दी-खांसी मानकर वे कोरोना टेस्ट कराने में आगे नहीं आ रहे हैं।

ग्रामीणों का मानना है कि अगर कोरोना टेस्ट में रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो उनकों घरों में कैद कर दिया जाएगा। अगर मौत हो गई तो शव भी अंतिम संस्कार (Funeral) के लिए नहीं दिए जाएंगे। इस तरह के भ्रम के कारण ग्रामीण कोरोना टेस्ट कराने में हिचक रहे हैं।