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High-tech Education: कैसे मिलेगी हाइटेक शिक्षा? हर जगह नया वर्जन, लेकिन यहां 41 साल पुराने उपकरणों से पढ़ाई कर रहे छात्र

High-tech education: पुराने ढर्रे पर ही चल रहा शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, प्राचार्य का कहना कि पुराने वर्जन के उपकरण होने के कारण छात्र नहीं हो पाते दक्ष, बड़ी कंपनियों में जॉब मिलने के बाद होती है परेशानी

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High-tech education

अंबिकापुर. High-tech education: शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेेज पुराने ढर्रे पर चल रहा है। जहां एक ओर आधुनिक युग के हिसाब से युवाओं को हाइटेक शिक्षा देकर उनका स्किल डेवलपमेंट करने की बात कही जा रही है, वहीं शहर के पॉलिटेक्निक कॉलेज में अभी भी 41 साल पहले स्थापित उपकरणों से छात्रों को शिक्षा दी जा रही है। अब सवाल उठ रहा है कि इतने वर्षों में जब उपकरण ही अपडेट नहीं किए गए तो बदलते समय के साथ युवाओं का कौशल विकास कैसे होगा।


अंबिकापुर शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज की स्थापना 1983 से पूर्व हुई है। सबसे पहले मैकेनिकल ट्रेड की शुरूआत की गई थी। समय और डिमांड के अनुसार अब 6 ट्रेडों की पढ़ाई कराई जा रही है। इसमें मैकेनिकल, सिविल, इलेक्ट्रिकल, माइनिंग, इलेक्ट्रॉनिक व कंप्यूटर ट्रेड चल रहा है। इन सभी ट्रेडों के लिए 530 छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं।

लेकिन इनकी ट्रेनिंग के लिए आवश्यकता के अनुसार आधुनिक उपकरण नहीं मिल रहे हैं। पॉलिटेक्निक कॉलेज में अभी भी 41 साल पहले स्थापित उपकरणों से छात्रों को शिक्षा दी जा रही है। ऐसे में युवा अपने ट्रेडों में पूरी तरह से दक्ष नहीं हो पा रहे हैं।

पुराने वर्जन के उपकरण के कारण नहीं हो पाते दक्ष

कॉलेज के प्राचार्यआरजे पांडेय ने बताया कि हमारे यहां उपकरण मैनुअल हंै। अब सारे उपकरण कंप्यूटराइज हो गए हैं। मैनुअल उपकरण से ट्रेनिंग कर निकले छात्र किसी बड़ी कंपनी में जॉब के लिए जाते हैं तो उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कंपनियों में सारे वर्जन आधुनिक व अपडेट होते हैं।

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मैकेनिकल ट्रेड की स्थिति सबसे खराब

पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्राचार्य ने बताया कि मैकेनिकल ट्रेड के बच्चों के प्रशिक्षण के लिए 1983 में उपकरण लगाए गए हैं, जो आज तक डवलप नहीं किए गए हैं। 41 साल पुराने वर्जन पर ही बच्चे ट्रेनिंग कर रहे हैं। जबकि आज हर क्षेत्र में कंप्यूटरों के नए वर्जन पर काम हो रहा है।

माइनिंग व सिविल ट्रेड की डिमांड

कॉलेज के प्राचार्य ने बताया कि अभी के दौर में सबसे ज्यादा माइनिंग व सिविल ट्रेड का डिमांड है। इन दोनों ट्रेडों में बच्चे ज्यादा आते हैं। क्योंकि इन दोनों ट्रेडों में ज्यादा स्कोप है। इन दोनों ट्रेडों से निकलकर बच्चे बेहतर कर रहे हैं।

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2013 के बाद कंप्यूटर अपडेट नहीं

सिविल व माइनिंग के बाद कंप्यूटर ट्रेड की ज्यादा डिमांड है। लेकिन अंबिकापुर पॉलिटेक्निक कॉलेज में बच्चों के प्रशिक्षण के लिए वर्ष 2013 में 100 कंप्यूटर लगाए गए हैं, जो की बच्चों के आवश्यकता के अनुसार कम है। इसके अलावा 2013 के बाद कंप्यूटर अपडेट नहीं किए गए हैं। जबकि कंप्यूटर में हर वर्ष नए वर्जन डवलप हो रहे हैं।

फैक्ट फाइल

सीट की संख्या- 530
ट्रेड की संख्या- 6
कंप्यूटर- 100
कंप्यूटर की आवश्यकता- 200

मैकेनिकल ट्रेड के उपकरण पुराने

अंबिकापुर पॉलिटेक्निक कॉलेज में 6 ट्रेड हैं। इसमें 530 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। मैकेनिकल ट्रेड के लिए उपकरण सारे पुराने हैं। वहीं कंप्यूटर 2013 के हैं। इसके बाद नए कंप्यूटर नहीं मिले हैं। आधुनिक युग के अनुसार हर साल नए उपकरणों के लिए शासन को डिमांड भेजा जाता है पर कोई जवाब नहीं आता है।
आरजे पांडेय, प्राचार्य, पॉलिटेक्निक कॉलेज, अंबिकापुर

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