
Husband and relative
अंबिकापुर. मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक बार फिर चिकित्सकों की संवेदनहीनता का मामला सामने आया है। एक प्रसूता की मौत के बाद उसका शव लगभग 22 घंटे तक मरच्यूरी में पड़ा रहा। चिकित्सकों की लापरवाही के कारण शव का समय पर पीएम नहीं हो सका।
दरअसल सूरजपुर जिले के प्रेमनगर स्वास्थ्य केन्द्र में गुरुवार को एक महिला को प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था। महिला ने मृत बच्चे को जन्म दिया। महिला की स्थिति खराब होने के कारण चिकित्सकों ने उसे सूरजपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। यहां से भी चिकित्सकों ने महिला की स्थिति को गंभीर देखते हुए उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया।
यहां इलाज के दौरान चिकित्सकों ने उसे शाम चार बजे मृत घोषित कर दिया था। इसके बाद से महिला का शव मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मरच्यूरी में पड़ा रहा। चिकित्सकों की लापरवाही के कारण शव का पीएम शुक्रवार की दोपहर लगभग 2.30 बजे हुआ।
सूरजपुर जिले के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के ग्राम चंदननगर निवासी 30 वर्षीय अनिता सिंह पति विलास कुमार सिंह गर्भवती थी। परिजन उसे जांच के लिए ३० अपै्रल को प्रेमनगर स्वास्थ्य केन्द्र ले गए थे। चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे दो दिन बाद आने के लिए बोला था। प्रसव पीड़ा होने के कारण परिजन ने उसे २ मई को पुन: प्रेमनगर स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया।
यहां महिला ने मृत बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद महिला की स्थिति गंभीर हो गई। चिकित्सकों ने उसे गुरुवार को सूरजपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। यहां भी चिकित्सकों ने कोई जोखिम नहीं उठाया और उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर रेफर कर दिया। परिजन संजीवनी 108 से मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे।
यहां चिकित्सकों ने गुरुवार की शाम 4 बजे उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उसका शव अस्पताल के मरच्यूरी में रखवा दिया गया। इस दौरान पीएम ड्यूटी में लगे चिकित्सकों की ड्यूटी खत्म हो जाने के कारण उसका पीएम नहीं हो सका।
इधर शुक्रवार को भी चिकित्सकों ने उसका पीएम करना मुनासिब नहीं समझा। इससे महिला का शव मरच्यूरी में लगभग 22 घंटे तक पड़ा रहा। काफी मशक्कत के बाद महिला का पीएम शुक्रवार की दोपहर 2.30 बजे हो सका।
पुलिस ने सुबह 10.30 बजे ही दे दी थी सूचना
अस्पताल चौकी पुलिस ने शुक्रवार की सुबह 10.30 बजे पीएम पंचनामा कार्रवाई पूरी कर महिला का पीएम के लिए ड्यूटी में लगे चिकित्सक डॉ. पीएस खुटिया को सूचित कर दिया था। इस दौरान डॉ. पीएस खुटिया ने पुलिस को बताया कि यह प्रेग्नेंसी का केस है। इस कारण महिला का पीएम टीम द्वारा किया जाएगा। इसके बाद पुलिस ने अस्पताल उप अधीक्षक डॉ. व्हीके श्रीवास्तव को जानकारी दी।
व्हीके श्रीवास्तव ने डॉ. मरकाम को पीएम के लिए मार्क किया। फिर पुलिस ने इसकी जानकारी डॉ. मरकाम को दी। लेकिन डॉ. मरकाम इमरजेंसी ड्यूटी लगाए जाने का हवाला देकर पीएम के लिए तैयार नहीं हुए। पुलिस ने इसकी जानकारी डॉ. जेके रेलवानी को दी। डॉ. रेलवानी ने मोबाइल पर डॉ. मरकाम से बात की। लगभग एक घंटे बाद डॉ. मरकाम पीएम के लिए पहुंचे व दोपहर 2.30 बजे पीएम हो सका।
अस्पताल प्रबंधन ने नहीं की देरी
अस्पताल प्रबंधन ने कोई देरी नहीं की थी। रात 8 बजे महिला को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। सुबह 11.30 बजे पुलिस द्वारा पीएम के लिए सूचना दी गई। इसके बाद महिला का पीएम कराया गया। बिना पुलिस की प्रक्रिया के पीएम नहीं किया जा सकता।
डॉ. व्हीके श्रीवास्तव, उप अधीक्षक मेडिकल कॉलेज अस्पताल
Published on:
05 May 2018 03:43 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
