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अंबिकापुर. नगर के सत्तीपारा स्थित अपने निर्माणाधीन मकान में बेटे की फांसी से लटकी लाश देख मां-बाप की रूह कांप गई। बेटा अपने अन्य भाइयों के साथ मंगलवार की रात खाना खाकर सोने चला गया था। अचानक आधी रात वह उठा और निर्माणाधीन मकान में घुसा।
इसके बाद उसने नायलोन की रस्सी का फंदा बनाया और फांसी लगा ली। सुबह जब सबकी आंखें खुली तो नजर आंगन में बन रहे मकान में गईं। इसके बाद उनका चीखना-चिल्लाना शुरु हो गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
अंबिकापुर के सत्तीपारा निवासी 18 वर्षीय मयंक सिंह उर्फ भोलू पिता इन्द्रदेव सिंह शहर में ही दुकान में काम करता था। मंगलवार को वह दुकान नहीं गया था। दिनभर घूमने के बाद रात में उसने खाना खाया और 11 बजे के करीब अपने अन्य भाइयों के साथ कमरे में सोने चला गया था। देर रात वह अचानक कमरे से बाहर निकला और घर के आंगन में बन रहे मकान में जा घुसा। इसके बाद उसने वहां पड़ी नायलोन की रस्सी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इधर घटना से बेखबर परिजन सुबह उठे तो आंगन में बन रहे मकान में उनकी नजर पड़ी।
उन्होंने देखा तो मयंक फांसी से लटका हुआ है। यह नजारा देखते ही घर में कोहराम मच गया। सब चीखने-चिल्लाने लगे। आवाज सुनकर पड़ोस के लोग भी वहां पहुंचे और घटना की जानकारी कोतवाली पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा पश्चात युवक के शव को नीचे उतरवाया।
उन्होंने पीएम पश्चात बुधवार को शव उसके परिजनों को सौंप दिया। युवक ने किस कारण से आत्महत्या की, इसका पता फिलहाल नहीं चल पाया। पुलिस ने मामले में उसके परिजनों का बयान दर्ज किया। आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस पीएम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
Published on:
15 Mar 2018 04:09 pm
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