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Chhath Puja 2018: कार्तिक छठ का इस बार इसलिए बढ़ गया है महत्व, वर्षों बाद बना है ग्रह-गोचरों का ऐसा शुभ संयोग

नहाय-खाय के साथ शुरू हुआ आस्था का महापर्व छठ, छठ घाटों में उमडऩे लगी श्रद्धालुओं की भीड़

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अंबिकापुर. लोक आस्था के महापर्व छठ का चार दिवसीय अनुष्ठान रविवार को नहाय-खाय के साथ शुरू हो गया। व्रती सुबह में नदी पर उमड़ पड़े। वहां स्नान-ध्यान व दान का सिलसिला अपराह्न काल तक जारी रहा।


सोमवार को लोहंडा-खरना होगा। मंगलवार को भगवान सूर्य को सायंकालीन व बुधवार को प्रात:कालीन अघ्र्य दिए जाएंगे। व्रती विभिन्न नदियों व तालाबों के घाटों पर अघ्र्य प्रदान करेंगी। व्रतियों ने जगह.जगह अपने घरों के बाहर तथा छतों पर भी छठ व्रत करने की तैयारी की है।


वर्षों बाद ग्रह-गोचरों का ऐसा शुभ संयोग
ज्ञानी पंडितों के अनुसार चार दिवसीय अनुष्ठान में ग्रह.गोचरों का शुभ संयोग बन रहा है। रविवार को नहाय-खाय से षष्ठी व्रत का आरंभ होना व्रती के लिए शुभ फल देने वाला है। षष्ठी व्रत का आरंभ रवि योग व सर्वार्थ सिद्धि योग में होने से कार्तिक छठ व्रत का महत्व और बढ़ गया है।

सज गए हैं बाजार
छठ के लिए बाजार सज गए हैं। व्रतियां व उनके परिजनों की भीड़ सामाग्री खरीदने पहुंच रहे हैं। दुकानदारों ने बांस से बने सूपे व अन्य सामग्री दुकानों में सजा रखे हैं।

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