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मालिक की छत से नीचे फेंक रहा था टिन के डिब्बे, अचानक हुआ कुछ ऐसा कि जल उठा शरीर

आवाज सुनकर अन्य कर्मचारी पहुंचे छत के ऊपर तो नजारा देख फटी रह गईं आंखें, रायपुर के लिए किया गया रेफर
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अंबिकापुर

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Ram Prawesh Vishwakarma

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Updated: 10 Jul 2018, 9:27 PM IST

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अंबिकापुर. किराना दुकान में काम करने वाला एक कर्मचारी अन्य स्टाफ के साथ अपने मालिक की छत से मंगलवार की सुबह टिन के डिब्बे नीचे फेंक रहा था। इसी दौरान वह छत के ऊपर से गुजरे 33 केवी तार की चपेट में आ गया। करंट से उसका शरीर जलने लगा। आवाज सुनकर एक कर्मचारी ऊपर पहुंचा तो भयावह नजारा देख उसके होश उड़ गए।

उसने आवाज देकर अन्य लोगों को बुलाया तथा आग बुझाकर उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया। यहां से डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया। फिर उसे मिशन अस्पताल ले जाया गया। बताया जा रहा है कि घायल कर्मचारी की 2 बेटियां हैं जिनमें से एक को हर माह खून चढ़वाना पड़ता है। पति की ऐसी हालत देख पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है।

नगर के मायापुर निवासी संतोष सोनी 40 वर्ष रिंग रोड हरसागर तालाब के पास स्थित मनीष गुप्ता के राज किराना स्टोर में करीब 20 वर्ष से काम कर रहा है। मंगलवार की सुबह करीब 10 बजे वह अन्य कर्मचारी संजय सिंह व अखिलेश गुप्ता के साथ दुकान की छत से टिन के डिब्बे नीचे फेंक रहा था।

टिन डिब्बे उतारने के बाद संजय व अखिलेश तो नीचे उतर गए लेकिन संतोष बचे हुए डिब्बे उतार रहा था। इसी बीच शॉर्ट-सर्किट की आवाज सुनकर संजय दौड़कर छत पर पहुंचा तो नजारा देख वह सन्न रह गया। संतोष का शरीर आग से जल रहा था। छत के ऊपर से गुजरे 33 केवी तार की चपेट में वह आ गया था।

उसने तत्काल अखिलेश को आवाज लगाई और आग बुझाकर उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गए। यहां प्राथमिक उपचार पश्चात उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया। इसकी सूचना दुकान संचालक को मिली तो वह भी अस्पताल पहुंच गया। इसके बाद परिजन उसे मिशन अस्पताल ले गए। यहां से भी डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया है।

फिलहाल मिशन अस्पताल में ही नाजुक हालत में उसका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि जब कर्मचारी 33 केवी तार की चपेट में आया तो इसी दौरान शॉर्ट-सर्किट से शहर की बिजली गुल हो गई। बिजली गुल होने के कारण उसका शरीर तार से अलग हो गया।


2 बेटियों में एक को हर माह चढ़ता है खून
घायल संतोष की दो बेटियां खुशी 12 वर्ष व मेघा 9 वर्ष हैं। इनमें से मेघा को हर महीने खून चढ़वाना पड़ता है। बेटी को खून चढ़वाने में हर माह होने वाले खर्च के कारण वह काफी मेहनत कर रहा था। इधर उसकी पत्नी का कहना है कि दुकान संचालक उसके पति का काफी शोषण करता है। छुट्टी के दिन भी काम कराने का उसने आरोप लगाया है।

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