मानवाधिकार उल्लंघन पर आमने-सामने आए अमरीका और चीन, पोम्पियो ने उइगर मुसलमानों की हालत पर जताई चिंता

मानवाधिकार उल्लंघन पर आमने-सामने आए अमरीका और चीन, पोम्पियो ने उइगर मुसलमानों की हालत पर जताई चिंता

Mohit Saxena | Publish: Mar, 14 2019 06:49:27 AM (IST) | Updated: Mar, 14 2019 01:09:25 PM (IST) अमरीका

- राज्य विभाग की वार्षिक रिपोर्ट का खुलासा
- उइगर मुसलमानों की हालत पर चिंता व्यक्त की
- सामूहिक नजरबंदी के लिए बीजिंग को दोषी ठहराया

वाशिंगटन। चीन पर आरोप लगाते हुए अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोंपियों ने बुधवार को कहा कि मानवाधिकारों के उल्लंघन की बात आने पर वह खुद ही इस लीग में आ जाता है। अमरीकी विदेश मंत्री ने दुनिया भर में मानवाधिकारों पर राज्य विभाग की वार्षिक रिपोर्ट का खुलासा किया। इस दौरान उन्होंने चीन में रहने वाले उइगर मुसलमानों की हालत पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा है कि चीन में यदि आप एक शिविर में प्रवेश करते हैं, तो आप कभी बाहर नहीं आ सकते हैं।

पस्थितियों पर भी प्रकाश डाला

पोम्पेओ ने ईरान,दक्षिण सूडान और निकारागुआ की पस्थितियों पर भी प्रकाश डाला, लेकिन शिनजियांग क्षेत्र में मुस्लिम अल्पसंख्यक समूहों के सदस्यों की सामूहिक नजरबंदी के लिए बीजिंग को दोषी ठहराया है। उन्होंने कहा कि चीन, जिसे अक्सर संयुक्त राज्य अमरीका के मुख्य रणनीतिक विरोधी के रूप में देखा जाता है, लंबे समय तक उसकी वाशिंगटन के साथ व्यापार वार्ता बंद है, "जब यह मानव अधिकारों के उल्लंघन की बात करता है, तो यह खुद ही लीग में है"।

उइगर मुसलमानों को हिरासत में लिया

रिपोर्ट में कहा गया है कि क्षेत्र के अधिकारियों ने धार्मिक और जातीय पहचान मिटाने के लिए बनाए गए आंतरिक शिविरों में दो मिलियन से अधिक उइगर, जातीय कज़ाकों और अन्य मुसलमानों को हिरासत में लिया है। पोम्पियों ने कहा कि अमरीका ने 1930 के दशक के बाद से इस तरह की चीजों को नहीं देखा है।

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