आगरा

International Anti-Corruption Day: रिश्वत लेने में लेखपाल और पुलिसकर्मी रहे अव्वल, वीडियो वायरल के बाद हुई कार्रवाई

आगरा में कई ऐसे मामले आए सामने। शिक्षा विभाग के अधिकारी भी फसे इस जाल में।
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Updated: 9 Dec 2019, 3:36 PM IST
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आगरा। आज International Anti-Corruption Day 2019 मनाया जा रहा है। भ्रष्टाचार पर आपने भाषण तो बहुत सुने होंगे, लेकिन इस दलदल में लगभग हर विभाग डूबा हुआ है। आलम ये है कि रिश्वत लिये बिना काम ही नहीं होता है। ताजनगरी की बात करें, तो वर्ष 2019 में कई ऐसे मामले सामने आये, जिसमें रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल हुए। ये मामले सर्वाधिक पुलिसकर्मियों और लेखपालों के रहे। इसके अलावा शिक्षा विभाग और सेल्स टैक्स में भी रिश्वत के खेल का खुलासा हुआ। पढ़िये पत्रिका की स्पेशल रिपोर्ट।

पुलिसकर्मियों के सर्वाधिक मामले
साफ स्वच्छ छवि का दावे करने वाले पुलिस विभाग में सर्वाधिक पुलिस दागी रहे। खास बात ये है कि पुलिस की रिश्वतखोरी के ये वीडियो आम लोगों ने बनाए और शोसली मीडियो को अपना हथियार बनाया। वीडियो वायरल हुए और अधिकारियों तक पहुंचे, जिनके बाद इन मामलों में कार्रवाई भी हुई।

केस नंबर एक
14 अक्टूबर 2019, थाना शमसाबाद में तैनात मुंशी का वीडियो हुआ वायरल। मुंशी ने मोबाइल गुम होने की रिपोर्ट दर्ज करने के एवज में 150 रुपये मांगे। इसका वीडियो बना और वायरल हो गया।

केस नंबर दो
28 जनवरी 2019, थाना बरहन में तैनात मुंशी का वीडियो हुआ था वायरल। इस वीडियो में मुंशी ने छेड़खानी के मामले में सुलह कराने के नाम पर रिश्वत मांगी थी। मुंशी ने साफ कहा कि इसमें से हिस्सा एसओ को भी जाता है।

केस नंबर तीन
27 अगस्त 2019, थाना रकाबगंज की बालूगंज चौकी के प्रभारी ब्रजपाल सिंह का डेढ़ मिनट का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें बात चल रही थी रिश्वत के बटवारे की।

केस नंबर चार
22 अगस्त 2019, फतेहाबाद थाना क्षेत्र में एक सिपाही रिश्वत लेने का वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में साफ दिखा कि कुछ लोग उसे नोट थमा रहे हैं, जिन्हें वह जेब में रख लेता है। इस मामले में सिपाही को सस्पेंड कर दिया गया।

लेखपाल भी रिश्वतखोरी में आगे

केस नंबर एक
6 मई 2019, खेरागढ़ तहसील क्षेत्र में कुरा बटवारे को लेकर लेखपाल ने किसान से रिश्वत मांगी। किसान ने रिश्वत देते हुए लेखपाल का वीडियो बना लिया और उसे वायरल कर दिया। इस मामले में लेखपाल को सस्पेंड कर दिया गया था।

केस नंबर दो
2 जून 2019, मथुरा की सदर तहसील के सकराया खादर क्षेत्र के सर्वे लेखपाल का रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल हुआ। जांच में आरोप सही पाए जाने पर लेखपाल को निलंबित कर दिया गया।

केस नंबर तीन
12 फरवरी 2019, मैनपुरी की ग्राम सभा जमौरा में किसान सम्मान राशि के नाम पर लेखपाल द्वारा रुपये वसूले जाने का वीडियो वायरल हो गया। वायरल वीडियो लेकर किसानों ने एसडीएम से मुलाकात की। एसडीएम ने मामले को गंभीर मानते हुए आरोपी लेखपाल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया।

रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचे

केस नंबर एक
25 अक्टूबर 2019, आगरा में एबीआरसी द्वारा सहायक अध्यापक से नियुक्ति के नाम पर रिश्वत मांगी जा रही थी। जिसके बाद विजिलेंस की टीम से शिकायत की गई। विजिलेंस की टीम ने एबीआरसी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। थाना ताजगंज में भ्रष्ट एबीआरसी के खिलाफ मुकदमा लिखाया गया।


केस नंबर दो
21 अक्टूबर 2019, एंटी करप्शन टीम ने सेल्स टैक्स के दो कर्मचारियों को 10 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। आरोपियों में कार्यालय का चपरासी व असिस्टेंट कमिश्नर का चालकभी शामिल था। आरोपियों के खिलाफ थाना हाईवे में केस दर्ज कराया गया है। आरोप है कि, बैटरी स्क्रेप व्यापारी से हर माह की दस हजार रिश्वत मांगी गई थी।

Updated on:
9 Dec 2019, 3:36 PM IST
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