
अहमदाबाद। शहर के सरखेज-गांधीनगर (एसजी) हाईवे एवं उसके आसपास के क्षेत्र में स्थित स्पा सेंटरों में मसाज की आड़ में देह व्यापार का गोरखधंधा चलाए जाने का स्टेट मॉनीटरिंग सेल (एसएमसी) ने पर्दाफाश किया है। टीम ने बोडकदेव, वस्त्रापुर और सेटेलाइट थाना क्षेत्र में संचालित द गैलेक्सी स्पा, ब्लॉसम स्पा, ए9 स्पा और ओराज स्पा में एक साथ दबिश दी। चारों जगह से संचालकों, मैनेजरों और ग्राहकों समेत 9 आरोपियों को पकड़ा है, जबकि अन्य सह संचालक, मैनेजर सहित 10 आरोपी अभी फरार हैं। कार्रवाई में पुलिस ने कुल 5,29,870 का सामान जब्त किया है।
एसएमसी के अनुसार बोडकदेव में सिंधु भवन रोड पर स्थित द गैलेक्सी स्पा में छापे के दौरान मोबाइल फोन, डीवीआर और नकदी समेत 1.26 लाख का मुद्दामाल जब्त किया गया। यहां स्पा सेंटर पर मौजूद मैनेजर भाविक विठलापरा को पकड़ा है, जबकि स्पा संचालक कीलिका अमुसी, मोहसिन रंगरेज, मैनेजर रामबाबू और मनीष फरार हैं। वहीं हेबतपुर रोड पर स्थित ब्लॉसम स्पा से मोबाइल फोन, डीवीआर, नकदी व अन्य सामान सहित 71,870 का मुद्दामाल जब्त किया। यहां से रिसेप्शनिस्ट एवं थेरेपिस्ट भारती दामाणी और स्पा में मदद करने वाले अंकितकुमार नाथम को पकड़ा है। स्पा संचालक हर्षवर्धन जाधव और मैनेजर किरण फरार हैं।
सेटेलाइट थाना क्षेत्र में इस्कॉन चार रास्ता के पास चल रहे ए9 स्पा से सबसे अधिक 2,36,500 का मुद्दामाल बरामद हुआ। इसमें छह मोबाइल फोन, कंप्यूटर सीपीयू, लैपटॉप, दो डीवीआर, दो एटीएम कार्ड स्वाइपिंग मशीन, नोट गिनने की मशीन, केओटी मशीन, दो वॉकी-टॉकी सेट, यूपीआइ स्कैनर और नकदी समेत अन्य सामान शामिल है। यहां स्पा संचालक प्रवीण वोरा, मैनेजर नैसाद सिद्दिकी और निश्चल ठक्कर को पकड़ा, वहीं स्पा मालिक नरेन्द्रसिंह राठौड़ और मैनेजर कौशल ठक्कर फरार हैं।
वस्त्रापुर तालाब के पास स्थित ओरांज स्पा से मोबाइल फोन, लैपटॉप और नकदी सहित 95,500 का मुद्दामाल जब्त किया गया। यहां से स्पा मैनेजर रघुवीरसिंह राजपूत और दो ग्राहक को पकड़ा। स्पा मालिक नरेन्द्रकुमार सिंह और मैनेजर मनीष पिपलीवाला फरार हैं। चारों मामलों में इमोरल ट्रैफिकिंग (प्रिवेंशन) एक्ट-1956 की संबंधित धाराओं तथा भारतीय न्याय संहिता-2023 की धाराओं के तहत अलग-अलग पुलिस थानों में मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और स्पा सेंटरों से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी जांच की जाएगी।