
मनीष कुमार सिंह
Bijainagar Blackmail Case : बिजयनगर में देहशोषण, धर्मांतरण तथा ब्लैकमेल कांड को अंजाम देने में आरोपियों की सोची समझी साजिश थी। कस्बे का एक इलाका, एक स्कूल और एक ही क्लास की छात्राओं को फंसाकर ब्लैकमेल करने की घटना की पुलिस पड़ताल में परतें खुलने की संभावना है। राजस्थान पत्रिका की ग्राउंड जीरो रिपोर्ट में करीब दो घंटे साथ रहे परिजन ने भी एक ही टारगेट को अंजाम देने के पीछे किसी बड़े गिरोह की आशंका जताई। परिजन की मानें तो संबंधित इलाके में समुदाय विशेष के प्रभाव का दायरा बढ़ाने के लिए इस कृत्य को किया गया, ताकि दहशत, भय व सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल होने के डर से परिवार अन्यत्र चले जाएं।
इस टारगेट को पूरा करने के लिए इलाका, स्कूल और क्लास को निशाना बनाया। दबी जुबां से कुछ लोग कस्बे में और भी पीड़िताओं के चपेट में आने से इनकार नहीं कर रहे हैं। पुलिस अनुसंधान में ऐसे और मामले सामने आ सकते हैं। षड़्यंत्र के अनुसार अश्लीलता के साथ असली मकसद धर्मांतरण को अंजाम देने के लिए आरोपियों का दबाव और यातनाएं बढ़ीं। कुछेक पीड़िताओं ने विरोध किया। इसके बाद मामले की परतें खुलती चली गईं।
बालिकाओं को आरोपी चाइनीज कम्पनी के मोबाइल का प्रलोभन देकर प्रेमजाल में फंसाया। फिर उन्हें कैफे ले जाकर अश्लील, अनैतिक गतिविधि का फोटो, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल का ‘खेल’ शुरू कर दिया। पीड़िता को छोड़ने व वीडियो-फोटो डिलीट करने की एवज में सहपाठी छात्रा से उसके किसी दोस्त से दोस्ती करवाने का दबाव डालते थे। इनकार करने पर पीड़िता को फोटो-वीडियो वायरल की धमकी देते थे। इससे छात्राएं आरोपियों के चेन सिस्टम में जुड़ती चली गईं।
अजमेर प्रवास पर पहुंची उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी रविवार को मीडिया से भी रूबरू हुईं। पत्रिका की ओर से बिजयनगर ब्लैकमेल के मामले पर पूछे गए सवाल में उन्होंने कहा कि प्रकरण पर सरकार की सीधी नजर है। पुलिस इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार भी कर चुकी है। इसमें किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी। अब तक जो भी तथ्य सामने आए हैं उसके आधार पर आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्हें कड़ी से कड़ी सजा भी दिलवाई जाएगी।
पीड़िताओं को आरोपियों की ओर से दिए गए चाइनीज मोबाइल फोन, सिमकार्ड में सिर्फ इनकमिंग कॉल की सुविधा थी। उनसे पीड़िताएं कॉल नहीं कर सकती थीं। आरोपियों को जब लगता कि मोबाइल नम्बर साया हो चुका है तो वह उस ‘सिमकार्ड’ को बदल देता था।
आरोपी हकीम कुरैशी की अजमेर में न्यायाधीश के समक्ष पेशी में ना केवल सजगता दिखाई गई, बल्कि गोपनीयता का खासा ख्याल रखा गया। उसे देर शाम हरिभाऊ उपाध्यायनगर कोटड़ा क्षेत्र में न्यायाधीश के आवास पर पीछे के दरवाजे से पेश किया गया। पूर्व में आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान कोर्ट परिसर में हुए हंगामे व अफरा-तफरी से पुलिस खासा सजग नजर आई।
प्रकरण में पूर्व पार्षद हकीम कुरैशी को गिरफ्तार किया गया है। देर शाम आरोपी को न्यायाधीश के समक्ष पेश किया। आरोपी को पांच दिन के रिमांड पर लिया है। उससे प्रकरण के संबंध में गहनता से पड़ताल की जा रही है।
सज्जन सिंह, सीओ, मसूदा
नवलगढ़ में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे अजमेर के बिजयनगर ब्लैकमेल कांड का जिक्र करते हुए जमकर बरसे। उन्होंने कहा, मैंने राजस्थान पत्रिका में पढ़ा कि लड़किया हिंदूवादी संगठन से जुड़ी थी, इसलिए उन्हें टारगेट किया गया। मैं पूछता हूं क्या हिंदूवादी संगठन से जुड़ना गुनाह है, पाप है…अब ऐसा नहीं चलेगा। टारगेट करने वालों को चेतावनी देते कहा कि उन्हे समझना चाहिए, अगर ऐसे टारगेट किया तो हम भी टारगेट करेंगे। राज्यपाल बागड़े ने रविवार को नवलगढ़ क्षेत्र के बलवंतपुरा स्थित डूंडलोद गर्ल्स स्कूल की छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बालिकाएं डरें नहीं, ईंट का जवाब पत्थर से दें। राज्यपाल ने बालिकाओं से कहा कि उन्हें डरना नहीं चाहिए जो लोग टेढ़ी नजर से देखते हैं, उनसे नजर मिलाकर ईंट का जवाब पत्थर से दें।
मामले में आरोपियों के सरपरस्त रहे पूर्व पार्षद हकीम कुरैशी को रविवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस को उसके खिलाफ प्रकरण में पर्याप्त सबूत मिले हैं। वह प्रकरण में आरोपियों को आर्थिक मदद के साथ उन्हें मानसिक रूप से सपोर्ट कर रहा था। पुलिस ने रविवार देर शाम उसे अजमेर में अवकाशकालीन न्यायाधीश के हरिभाऊ उपाध्याय नगर स्थित आवास पर पेश किया, जहां से उसे पांच दिन के रिमांड पर सौंपा गया।