विभाग का कहना है, जीव-जंतुओं के मामले में कीट विज्ञानी विशेषज्ञ होते हैं। बिच्छुओं के मामले में उनकी ही सेवाएं ली जानी चाहिए।
अजमेर. मृत बिच्छुओं (scorpions) का पोस्टमार्टम (autopsy) नहीं हो सका है। पशुपालन विभाग द्वारा कीट विज्ञानी (एंटोमॉलोजिस्ट) द्वारा पोस्टमार्टम का हवाला देने के कारण यह स्थिति बनी है। अब वन विभाग (forest dept) को मुख्यालय और प्रशासनिक की मंजूरी का इंतजार है।
दरगाह (ajmer dargah area) के आमाबाव इलाके में वन विभाग ने 8 अगस्त को बिच्छू बाबा की दुकान पर छापा मारा था। यहां रेंजर (rangers) मोहनलाल सामरिया और सुधीर माथुर के नेतृत्व में वन विभाग की टीम को हजारों की तादाद में मरे हुए बिच्छू (dead scorpions)और इनके तेल (oil) से निर्मित दवाएं (medicines) मिली थी। दुकान पर कामकाज करने वाले सलीम को 15 दिन की न्यायिक हिरासत (judicial custody) में भेजा गया है।
पांच दिन से नहीं हुआ पोस्टमार्टम
हजारों को संख्या में मिले मृत बिच्छुओं का पोस्टमार्टम (post mortam)पांच दिन से अटका हुआ है। पहले तीन दिन के अवकाश के चलते पशुपालन विभाग (animal husbandary) के चिकित्सक उपलब्ध नही हुए। अब विभाग ने कीट विज्ञानी (entomologist) द्वारा पोस्टमार्टम कराए जाने का हवाला दिया है। विभाग का कहना है, जीव-जंतुओं (entomology) के मामले में कीट विज्ञानी विशेषज्ञ होते हैं। बिच्छुओं के मामले में उनकी ही सेवाएं ली जानी चाहिए। मालूम हो कि पोस्टमार्टम के बाद बिच्छुओं को तय स्थान पर डिस्पोज (dispose off) किया जाना है।
बंगाल पुलिस से करेंगे
संपर्कदुकान संचालक हकीम एस. के. अनवर उर्फ बिच्छू बाबा को बंगाल जाना बताया गया है। लिहाजा इस मामले में विभाग पश्चिम बंगाल (west bengal) पुलिस से संपर्क करेगा। इसके बाद उसकी तलाश (search team) में दल भेजा जाएगा। उसके खिलाफ भी वन्य जीव अधिनियम (wild life protection act) में मामला दर्ज कराया जाएगा।
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पशुपालन विभाग के अनुसार बिच्छुओं का पोस्टमार्टम कीट विज्ञानी द्वारा कराया जाना है। हमें मुख्यालय और प्रशासनिक मंजूरी का इंतजार है।
सुदीप कौर शर्मा, उप वन संरक्षक वन विभाग