अजमेर

rain in ajmer: अजमेर के आसमान में उमड़-घुमड़ रही घनघोर घटाएं

अजयपालबाबा मंदिर के निकट पहाडिय़ों से झरने भी बहते नजर आए। आनासागर झील के चैनल गेट से पानी की निकासी जारी रही।

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Aug 19, 2019
rain in ajmer

अजमेर. लगातार 25 घंटे लगातार बरसने वाली घटाएं (clouds) सोमवार को आसमान (sky) में मंडरा री है। बादल छाने और हवा चलने से मौसम खुशगवार है। कुछेक इलाकों में मामूली टपका-टपकी हुई। अधिकतम तापमान अभी 25 से 27 डिग्री तक है।

शनिवार को ताबड़तोड़ बारिश (barish) से शहर को पानी-पानी करने वाली घटाएं अलबसुबह (early morning) से छाई रही। वैशाली नगर, आनसागर लिंक रोड, लोहागल, पंचशील, जयपुर रोड, घूघरा, गगवाना, जयपुर रोड, केसरगंज, अलवर गेट, मेयो लिंक रोड, राजा साईकिल, श्रीनगर रोड और अन्य के इलाकों में मामूली बूंदें (rain drops) टपकी। बादलों के छितराने पर सूरज ने तांक-झांक करना चाहा पर सफल नहीं हो पाया।

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बह रहे नाले-झरने

काजी का नाला, आंतेड़ का नाला, जवाहर नाडी, लोहागल-शास्त्री नगर की पहाड़ी क्षेत्रों के नालों में पानी बहता रहा। इसके अलावा पंचशील-माकड़वाली रोड, राजीव कॉलोनी-एलआईसी कॉलोनी, अजयपालबाबा मंदिर के निकट पहाडिय़ों से झरने (fountain)भी बहते नजर आए। आनासागर झील के चैनल गेट (channel gate) से पानी की निकासी जारी रही।

हिलोरें मारता रहा पानी

वैशाली नगर के सेक्टर तीन स्थित गुलमोहर कॉलोनी, फे्रंड्स, सागर विहार कॉलोनी-शिवमंदिर और आसपास के इलाकों में पानी हिलोरें मारता (water pour) रहा। यही हाल श्रीनगर रोड, प्रकाश रोड नगरा, सुनहरी कॉलोनी, बिहारी गंज, जादूघर, मेयो गल्र्स कॉलेज, पंचवटी कॉलोनी, सुभाष नगर, से सटी कॉलोनी और अन्य क्षेत्रों में हुआ। कई घरों, दुकानों और गलियों में लोग बाल्टी लेकर पानी निकालने (water pumping) की मशक्कत करते नजर आए।

मानसून की पांचवीं अच्छी बरसात

बीते जुलाई में मानसून की सक्रियता के बाद अजमेर में चौथी बार अच्छी बरसात (barsat) हुई। मौसम विभाग के अनुसार 5 जुलाई के 89 मिलीमीटर पानी बरसा था। इसके बाद 27 जुलाई को 65.1, 28 जुलाई को 64.6 मिलीमीटर बरसात हुई। इसके बाद 1 अगस्त को 114.2 मिलीमीटर और अब 17 अगस्त को चौबीस घंटे में 149.1 मिलीमीटर बरसात हुई है। इससे पहले एक दिन में सर्वाधिक बरसात 29 सितंबर 2013 को हुई थी। शहर में सुबह से देर शाम तक बरसात चली थी। एक दिन में 120.6 मिलीमीटर बरसात से समूचे शहर में बाढ़ (flood in ajmer) जैसे हालात हो गए थे। हालांकि 18 जुलाई 1975 की 900 मिलीमीटर बारिश (heavy rain in ajmer) का रिकॉर्ड अब तक कायम है।

पुष्कर सबसे आगे, बांदरसींदरी पीछे

अजमेर 669, श्रीनगर 401.5, गेगल 366, पुष्कर 771, गोविंदगढ़ 361, बूढ़ा पुष्कर 412, नसीराबाद 575, पीसांगन 674, मांगलियावास 580, किशनगढ़ 627, बांदरसींदरी 156, रूपनगढ़ 563, रूपनगढ़ 438.5, ब्यावर 691, जवाजा 537, टॉडगढ़ 706, सरवाड़ 642, गोयला 478, केकड़ी 738, सावर 360.1, भिनाय 699, मसूदा 406, बिजयनगर 623, नारायणसागर 4480

जलाशयों में पानी (फीट में)

आनासागर 15 फायसागर 16.7, पुष्कर 28, फूलसागर कायड़ 8.0, रामसर 7.9, शिवसागर न्यारा 15.8, राजियावास 5.9, मकरेड़ा 12.0, गोविंदगढ़ 2.0, अजगरा 9.11, ताज सरोवर अरनिया 13.9, मदन सरोवर धानवा 12.3, मुंडोती 3 मीटर, पारा प्रथम 11.3, पारा द्वितीय 9.2, नाहर सागर 3.52 मीटर, डेह सागर बड़ली 12.7, न्यू बरोल 6, मान सागर जोताया 7.6, लसाडिय़ा 12.4, बिसंूदनी बांध 11.9, नारायण सागर खारी 4.0

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Published on:
19 Aug 2019 08:14 am
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