डॉग बाइट के बाद समय पर इलाज और रेबीज टीकाकरण नहीं मिलने से 44 वर्षीय मैना देवी की मौत हो गई। आदर्शनगर क्षेत्र के सेंदरिया गांव निवासी महिला को एक महीने पहले कुत्ते ने काटा था। झाड़-फूंक पर भरोसे के चलते इलाज नहीं कराया।
अजमेर: डॉग बाइट का समय पर इलाज और टीकाकरण नहीं मिलने से एक महिला की मौत हो गई। बुधवार को महिला की अचानक तबीयत बिगड़ने पर जेएलएन अस्पताल में भर्ती कराया था। गुरुवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिजनों के अनुसार, आदर्शनगर थाना क्षेत्र के सेंदरिया गांव निवासी मैना देवी (44) पत्नी स्वर्गीय लक्ष्मण सिंह अकेली रहती थी। करीब एक महीने पहले गांव में घूमते समय उसे कुत्ते ने हाथ पर काट लिया। मानसिक रूप से बीमार होने के कारण वह समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सकी न ही रेबीज का टीकाकरण कराया गया।
बुधवार को अचानक उसकी हालत गंभीर हो गई, जिस पर ग्रामीणों ने उसे जेएलएन अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया। सूचना पर परिजन भी अस्पताल पहुंचे, लेकिन गुरुवार सुबह मैना देवी की मौत हो गई। पड़ताल में सामने आया कि महिला ने एंटीरेबीज टीकाकरण नहीं कराया था।
गांव में कुत्ते के काटने के बाद महिला ने झाड़-फूंक और घरेलू नुस्खों पर भरोसा किया, लेकिन समय रहते चिकित्सकीय इलाज नहीं कराया। इसका गंभीर नतीजा सामने आया और रेबीज का जहर धीरे-धीरे पूरे शरीर में फैल गया।
बताया गया कि पति की मौत और मानसिक बीमारी के कारण महिला की जिंदगी पहले से ही सीमित थी। अकेलापन, पारिवारिक परेशानियां और लगातार संघर्ष ने उन्हें इतना कमजोर कर दिया कि कुत्ते के काटने जैसी गंभीर घटना को भी उन्होंने नजरअंदाज कर दिया और समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सकी।
इस दुखद घटना ने एक बार फिर डॉग बाइट और रेबीज के खतरों को उजागर किया है। स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि की कि मैना देवी ने रेबीज का टीका नहीं लगवाया था। विभाग ने लोगों से अपील की है कि कुत्ते के काटने पर लापरवाही न बरतें और तुरंत नजदीकी अस्पताल जाकर टीकाकरण कराएं।
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