
अलीगढ़ : अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के कैनेडी ऑडिटोरियम में आयोजित औद्यानिक उन्नयन गोष्ठी शनिवार को उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब कार्यक्रम के समापन पर ‘जय श्रीराम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे गूंज उठे। उत्तर प्रदेश सरकार में उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने अपने संबोधन का समापन “जय श्रीराम” के उद्घोष के साथ किया, जिसके बाद सभागार में मौजूद लोगों ने “नमो पार्वती नमः” और “हर-हर महादेव” के जयकारे लगाए। इसके साथ ही “भारत माता की जय” के नारे भी सुनाई दिए।
एएमयू के कैनेडी हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक बागवानी तकनीकों, फसल विविधीकरण, कृषि आधारित उद्यमिता और सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देना था। कार्यक्रम में अलीगढ़, आगरा और मेरठ मंडल से बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया।
मुख्य अतिथि दिनेश प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है। उन्होंने किसानों से आधुनिक तकनीकों को अपनाने, बागवानी फसलों का उत्पादन बढ़ाने और कृषि निर्यात की संभावनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि उद्यानिकी क्षेत्र में नवाचार और वैज्ञानिक खेती किसानों के लिए आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन सकते हैं। सरकार किसानों को तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
गोष्ठी के दौरान अलीगढ़, आगरा और मेरठ मंडल के उन किसानों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने कृषि और बागवानी के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। सम्मानित किसानों ने अपने अनुभव साझा करते हुए आधुनिक खेती, उन्नत बीजों, नई तकनीकों और बागवानी के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयोगों की जानकारी दी। कार्यक्रम में मंडलायुक्त संगीता सिंह, जनप्रतिनिधि, कृषि विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
कैनेडी हॉल परिसर में कृषि विभाग और किसानों के सहयोग से कृषि एवं बागवानी प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। प्रदर्शनी में उन्नत किस्म की फसलें, फल, सब्जियां, जैविक उत्पाद, आधुनिक कृषि उपकरण और नई खेती तकनीकों का प्रदर्शन किया गया था। बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण इन नवाचारों को देखने पहुंचे थे।
हालांकि दोपहर बाद अचानक मौसम बदल गया और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के कारण कई स्टॉल प्रभावित हुए और खुले में रखी गई फसलों व कृषि उत्पादों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ा। इसके चलते प्रदर्शनी का आकर्षण कुछ हद तक प्रभावित हुआ, लेकिन किसानों की उत्सुकता और भागीदारी बनी रही।
कैनेडी ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान लगे धार्मिक और राष्ट्रवादी उद्घोष पूरे शहर में चर्चा का विषय बने रहे। हालांकि कार्यक्रम का मूल उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि और बागवानी से जोड़ना तथा उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी देना था, लेकिन समापन के दौरान लगे जयकारों ने कार्यक्रम को अतिरिक्त चर्चा में ला दिया।