खैरथल-तिजारा के बहरोज गांव में 900 जैन परिवारों के पुराने मकान-मंदिरों के जीर्णोद्धार को लेकर दिगंबर जैन मुनि पावन सागर अनशन पर बैठेंगे। प्रशासन और वन विभाग अनुमति नहीं दे रहे। मुनि 12 वर्षों से प्रयासरत हैं। 3 सितंबर से सचिवालय अनशन की चेतावनी दी है।
जयपुर/अलवर: दिगंबर जैन मुनि पावन सागर ने कहा कि खैरथल-तिजारा जिले के बहरोज गांव में किसी समय 900 जैन परिवार रहते थे। ये मकान पहाड़ की तलहटी पर थे। मुगल शासन के समय वे पलायन कर गए। उनके मकानों-मंदिरों के खंडहर आज भी मौजूद हैं, उन पर कब्जे हो रहे हैं।
जैन समाज ने उन मंदिरों का जीर्णोद्धार करने के लिए प्रशासन से अनुमति भी मांगी। लेकिन प्रशासन ने मना कर दिया। प्रशासन इसे राजस्व जमीन मानता है। वहीं, वन विभाग भी काम नहीं करने देता है।
राजधानी जयपुर के महारानी फार्म गायत्री नगर के दिगंबर जैन मंदिर में चातुर्मास कर रहे मुनि ने कहा कि सरकारी सिस्टम से व्यथित होकर अनशन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उनकी मांगों पर 2 सितंबर तक सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की तो वे जैन समाज और बहरोज गांव के लोगों के साथ 3 सितंबर को सचिवालय पर अनशन शुरू करेंगे।
दिगंबर जैन मंदिर महारानी फार्म प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष कैलाशचंद छाबड़ा ने बताया कि पिछले 12 वर्ष से गांव वालों को जमीन का हक दिलाने के लिए मुनि प्रयास कर रहे हैं। खसरा नंबर 2117 की 70.5 बीघा जमीन कस्टोडियन के अंतर्गत आती है, उस जमीन को सरकार गांव वालों और जैन समाज को दे सकता है, जिससे समाज मंदिरों का जीर्णोद्धार करवाकर धर्मशाला बना सके और रास्ता बनाया जा सके।
मामले को लेकर मुनि पावन सागर और वन विभाग के बीच करीब 4 वर्ष पहले टकराव की स्थिति बन गई थी। उस दौरान मुनि पावन सागर ने वन विभाग पर आरोप लगाया था कि उन्हें जेसीबी से कुचलने का प्रयास किया गया। ग्रामीणों ने वर्ष 1964 में सेटलमेंट के दौरान गांव की घनी आबादी को वन विभाग में दर्शाने की गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है।
बेहरोज की आबादी क्षेत्र को वन क्षेत्र में दिखा रखा है, जिससे लोगों को मकानों के पट्टे तक नहीं दिए जा सके हैं। किस्म को बदलवाने के लिए न्यायालय में वाद दायर किया हुआ है।
-प्रविना शर्मा, सरपंच, ग्राम पंचायत, बेहरोज
बेहरोज गांव बहुत पुराना है। गांव की आबादी को वन विभाग के खसरे में दिखा रखा है, जिससे कई लोगों के मकानों का पट्टा जारी नहीं हो रहा। इस संबंध में तत्कालीन गहलोत सरकार में मंत्री रहे टीकाराम जूली, पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह तथा अलवर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आबादी की भूमि की किस्म बदलवाने की मांग भी की थी।
-ललित मेघवाल, उप सरपंच ग्राम पंचायत, बेहरोज
पहाड़ी पर स्थित जैन मंदिर वन विभाग की भूमि पर बना है। यदि किस्म बदल जाती है, तो हमारा कोई दखल नहीं रहेगा।
-सतीश नरूका, रेंजर, किशनगढ़बास
मैंने कुछ दिनों पहले ही मुंडावर में एसडीएम का चार्ज लिया है। यदि ऐसा है तो देख कर बता
पाऊंगी।
-सृष्टि जैन, एसडीएम, मुंडावर