अलवर

Behror Accident: मेले की खुशियों के बीच उठीं दो दोस्तों की अर्थियां, गम में डूबा पूरा गांव, परिवार में कोहराम

Behror Road Accident: बहरोड़ हादसे में दो दोस्तों की एक साथ मौत ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया। एक साथ उठीं दोनों की अर्थियां, तो हर आंख नम हो गई और माहौल गमगीन हो उठा।

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Apr 04, 2026
मृतक राहुल यादव और मुकेश चेतीवाल। फाइल फोटो- पत्रिका

बहरोड़। तसींग गांव में शुक्रवार को दिनभर मेले और खुशियों का उल्लास था, जो रात ढलते-ढलते चीख-पुकार और मातम में बदल गया। बहरोड़ बायपास पर हुए एक सड़क हादसे में गांव के दो दोस्तों मुकेश और राहुल की मौत हो गई। दो युवाओं के अचानक चले जाने से पूरे गांव में शोक की लहर छा गई।

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धर्मकांटे के पास काल बनकर आई ट्रैक्टर-ट्रॉली

कोतवाली पुलिस ने बताया कि तसींग गांव निवासी मुकेश चेतीवाल पुत्र विशंभर दयाल और राहुल यादव पुत्र डालचंद शुक्रवार रात करीब 8 बजे बाइक से बहरोड़ की तरफ आ रहे थे। रात करीब साढ़े आठ बजे जब वे बायपास पर एक धर्मकांटे के पास पहुंचे, तभी धर्मकांटे पर वजन करवाकर अचानक सड़क पर आ रही तूड़ी (भूसे) से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से उनकी बाइक की टक्कर हो गई। हादसे में दोनों दोस्त गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। उन्हें तुरंत बहरोड़ के जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया।

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चंद घंटों पहले तक मेले में गूंज रही थी राहुल की आवाज

इस हादसे का सबसे मार्मिक पहलू यह है कि चंद घंटों पहले तक दोनों दोस्त पूरे उत्साह के साथ गांव के धार्मिक आयोजन में अपनी सेवाएं दे रहे थे। ग्रामीणों ने रुंधे गले से बताया कि शुक्रवार को गांव के डूंगरी वाले हनुमान जी मंदिर में मेला और भंडारा था। मुकेश और राहुल दिनभर वहां श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे रहे। मृतक राहुल एक गायक कलाकार भी था। शाम को वह मेले में आयोजित कुश्ती प्रतियोगिता में कमेंट्री कर रहा था, वहीं मुकेश, जिसकी गांव में ही दुकान थी, वह भी उसके साथ मौजूद था।

रातभर मोर्चरी के बाहर बैठे रहे ग्रामीण

जैसे ही दोनों दोस्तों की मौत की खबर तसींग गांव पहुंची, वहां कोहराम मच गया। ग्रामीण रात को जिला अस्पताल पहुंच गए। ग्रामीण और परिजन पूरी रात मोर्चरी के बाहर बदहवास हालत में बैठे रहे। शनिवार सुबह कोतवाली पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिए। जब दोनों दोस्तों की अर्थियां एक साथ उठीं, तो पूरा गांव रो पड़ा।

हादसों का 'डेथ जोन' बन रहा बायपास

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर बहरोड़ बायपास की बदहाली और प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोल दी है। सुरक्षा उपायों के अभाव में इस व्यस्त मार्ग पर न तो पर्याप्त यातायात संकेतक हैं और न ही सुरक्षित डिवाइडर बनाए गए हैं। नतीजतन यहां वाहन बेलगाम दौड़ते हैं, जिससे आए दिन वाहन चालक और राहगीर दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द ठोस कदम उठाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों पर रोक लगाई जा सके।

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