अंबिकापुर

IG action in fire case: पटाखा-प्लास्टिक गोदाम में आग: संचालकों पर लगी धारा देख IG हुए नाराज, कहा- इसमें गैर जमानती धाराएं क्यों नहीं जोड़ी?

IG action in fire case: एसएसपी को कोतवाली थाना प्रभारी व प्रकरण कायम करने वाले पुलिसकर्मी से स्पष्टीकरण लेकर सीएसपी के टीप के साथ प्रस्तुत करने के दिए निर्देश, वेल्डिंग की चिंगारी से लगी थी भीषण आग

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Surguja IG Deepak Jha and his letter (Photo- Patrika)

अंबिकापुर. शहर के राम मंदिर रोड के रिहायशी इलाके में 23 अप्रैल को पटाखा-प्लास्टिक गोदाम व दुकान में भीषण आग लगी थी। आग के कारण आस पास के कई घर प्रभावित हुए थे। आग इतनी भीषण (IG action in fire case) थी कि पटाखा व प्लास्टिक गोदाम चार दिनों तक बुझ नहीं पाई। इसे देखते हुए कलेक्टर ने जांच टीम गठित की थी। वहीं स्थानीय एक व्यक्ति ने गोदाम व दुकान संचालक मुकेश अग्रवाल व प्रवीण अग्रवाल पर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

बता दें कि पड़ोसी की रिपोर्ट पर शुरु में पुलिस ने संचालकों पर जमानती धारा के तहत अपराध दर्ज किया था। इसे लेकर शहरवासियों की सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही थी। आरोप लग रहे थे कि सरगुजा पुलिस मामले को दबाने में जुटी है।

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इसी बीच मामले को गंभीरता से लेते हुए आईजी दीपक झा (IG action in fire case) ने नाराजगी जाहिर करते हुए एसएसपी को पत्र जारी कर गैरजमानती धारा के तहत अपराध दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही थाना प्रभारी व विवेचक का सीएसपी की टीप के साथ विस्फोटक अधिनियम नहीं जोडऩे को लेकर 7 दिन में स्पष्टीकरण भी मांगा है।

शहर के रिहायशी एरिया राम मंदिर रोड स्थित गली में थोक प्लास्टिक व पटाखे का गोदाम व दुकान संचालित हो रहा था। दरअसल सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर 23 अप्रैल को संचालक मुकेश अग्रवाल व प्रवीण अग्रवाल (IG action in fire case) द्वारा लापरवाही पूर्वक उक्त गोदाम में वेल्डिंग का कार्य कराया जा रहा था। वेल्डिंग का चिंगारी गोदाम में आग लग गई थी।

Fire in Patakha and plastic shop (Photo- Patrika)

गोदाम में प्लास्टिक व पटाखा होने के कारण आग तत्काल बेकाबू हो गया था। यह एरिया रिहायशी व काफी संकरा होने के कारण आस पास के लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई थी। भीषण आग के कारण आस पास के कई घर प्रभावित हुए थे। फायर ब्रिगेड को आग बुझाने में 48 घंटे लग गए थे।

इसके बादवजूद आग (IG action in fire case) नहीं बुझ पाई थी। आग तीन से चार दिनों तक धधकती रही। इस घटना से संचालकों के विरूद्ध स्थानीय लोगों में आक्रोश था। क्योंकि अवैध रूप से रिहायशी इलाके में पटाखे व प्लास्टिक की गोदाम संचालित किया जा रहा था।

पड़ोसी दे दर्ज कराई थी रिपोर्ट

भीषण आग से प्रभावित राम मंदिर रोड निवासी प्रफुल्ल पांडेय ने संचालकों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दर्ज रिपोर्ट में बताया कि कुंडला सिटी निवासी व्यवसायी मुकेश अग्रवाल द्वारा करीब 20 साल से घर के पास अपने गोदाम में पटाखा और प्लास्टिक गोदाम का संचालन किया जा रहा है, जबकि यह रिहायशी इलाका है।

Forensic expert collect sample (Photo- Patrika)

वर्तमान में इसका संचालन राम मंदिर रोड निवासी उसके रिश्तेदार प्रवीण अग्रवाल (IG action in fire case) द्वारा किया जा रहा है। उसने बताया कि 23 अप्रैल की दोपहर ऊपरी मंजिल में वेल्डिंग के दौरान पटाखा और प्लास्टिक गोदाम में आग लग गई थी। इसकी लपटें उसके घर तक भी पहुंच गईं। इससे उसके घर के सोफे, बेड, अन्य सामान तथा इंटीरियर जल गए।

यही नहीं, पटाखे फूटने से उसके घर की दीवार में मोटी दरारें भी आ गई हैं। वहीं अन्य लोगों के मकान भी प्रभावित हुए हैं। यह लापरवाही जान-बूझकर दोनों के द्वारा की गई है। रिपोर्ट पर कोतवाली पुलिस ने संचालकों (IG action in fire case) के खिलाफ बीएनएस की धारा 125, 279 एवं 287 के तहत अपराध दर्ज कर किया था।

IG action in fire case: आईजी के पत्र में ये है उल्लेख

आईजी (IG action in fire case) द्वारा एसएसपी को लिखे गए पत्र में उल्लेख है कि 26 अपै्रल को थाना अम्बिकापुर में धारा 125, 270, 287 बीएनएस के तहत रिपोर्ट दर्ज किया गया है। इसमें उल्लेख है कि 23 अपै्रल को ब्रम्हपारा के घनी रिहायशी व आवासीय क्षेत्र में अवैध रूप से भारी मात्रा में रखे गए पटाखा के भण्डार (दुकान) व गोदाम की छत पर आरोपी द्वारा सुरक्षा मानकों का पालन न कर वेल्डिंग कराए जाने पर वेल्डिंग की चिंगारी से विस्फोटक पदार्थ होने के कारण आग लग गई थी।

IG letter to SSP (Photo- Patrika)

आग से आम जीवन को संकट उत्पन्न हुआ और उक्त घटना से आस-पास के कई मकान व लोग प्रभावित हुए हैं। इससे लोगों का बहुत बड़ी मात्रा में नुकसान हुआ है। प्रकरण में बीएनएस की धारा 324, 326(छ) बीएनएस एवं विस्फोटक अधिनियम, 1984 की धारा 09 (ख) भी आकर्षित होती है परंतु कायमी के समय उक्त धारा (IG action in fire case) नहीं जोड़ी गई है। इससे स्पष्ट होता है कि प्रकरण की कायमी में लापरवाही बरती गई है।

प्रकरण में अपने पदीय कर्तव्य का पालन नहीं करने के संबंध में थाना प्रभारी अंबिकापुर एवं प्रकरण की कायमी में बरती गई लापरवाही के संबंध में कायमीकर्ता का स्पष्टीकरण प्राप्त कर नगर पुलिस अधीक्षक की टीप सहित 7 दिन में इस कार्यालय को उपलब्ध कराएं। साथ ही उक्त धारा जोड़ कर प्रकरण में अग्रिम विवेचना कार्रवाई करें।

फोरेंसिक टीम ने की थी जांच

कलेक्टर के निर्देश पर पटाखा व प्लास्कि गोदाम में लगी आग (IG action in fire case) की घटना की जांच कराई गई थी। कलेक्टर की ओर से गठित उच्च स्तरीय संयुक्त कमेटी की निगरानी में फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने घटनास्थल पहुंचकर मलबे से अहम साक्ष्य जुटाए थे।

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Published on:
01 May 2026 07:18 pm
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