
लखनपुर। विकास के दावों के बीच लखनपुर क्षेत्र के तुनगुरी अहीरपारा से ग्रामीण अंचलों में बुनियादी सुविधाओं की जमीनी हकीकत सामने आई है। यहां लंबे समय से नाले पर पुल नहीं होने के कारण स्कूली बच्चों को रोजाना जान जोखिम में डालकर उफनता नाला पार कर स्कूल जाना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में नाले का जलस्तर बढऩे के साथ यह समस्या और गंभीर हो जाती है। ग्रामीण अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर हर साल बारिश के सीजन (Rainy season) में चिंतित नजर आते हैं।
लखनपुर के ग्राम तुनगुरी अहीरपारा के बच्चों के लिए नाला पार करना अब मजबूरी बन चुका है। सुबह स्कूल जाते समय और छुट्टी के बाद घर लौटते वक्त छोटे-छोटे बच्चों को पानी के बीच से होकर नाला पार करना पड़ता है। नाले का बहाव तेज होने पर हादसे (Accident) का खतरा और बढ़ जाता है। इसके बावजूद शिक्षा हासिल करने के लिए बच्चों को इसी जोखिम भरे रास्ते से गुजरना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि फिलहाल बच्चे किसी तरह नाला पार कर स्कूल पहुंच रहे हैं, लेकिन यह व्यवस्था कभी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब बच्चों का भविष्य शिक्षा से जुड़ा है तो उन्हें स्कूल पहुंचने के लिए अपनी जान जोखिम में क्यों डालनी पड़ रही है।
सरकार और प्रशासन की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में सडक़, पुल-पुलिया और आवागमन (Transport) की सुविधाएं बेहतर करने के दावे किए जाते हैं, लेकिन तुनगुरी अहीरपारा की स्थिति इन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े करती है। मामले को लेकर एसडीएम रामराज सिंह से बात की गई। उन्होंने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। मौके की जांच कर उचित पहल की जाएगी।
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक नाले पर सुरक्षित पुल नहीं होने की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। ग्रामीणों ने कई बार पुल निर्माण की मांग उठाई है। उनका कहना है कि पुल बनने से स्कूली बच्चों के साथ पूरे क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।
बरसात के दौरान समस्या केवल बच्चों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि ग्रामीणों के लिए भी आवागमन का संकट खड़ा हो जाता है। ऐसे में ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मौके का निरीक्षण कराकर स्थायी समाधान के लिए पुल निर्माण की दिशा में तत्काल पहल करने की मांग की है।
ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि कहीं किसी हादसे के बाद प्रशासन (Surguja Administration) की नींद न खुले। उनका कहना है कि यदि समय रहते नाले पर पुल का निर्माण नहीं कराया गया तो तेज बहाव किसी दिन बच्चों के लिए बड़ी मुसीबत बन सकता है। ऐसे में किसी अनहोनी का इंतजार करने के बजाय पहले ही सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए जाने की जरूरत है।