अंबिकापुर

Sitapur MLA in Hospital: सीतापुर विधायक देर रात पहुंचे अस्पताल, डॉक्टर-नर्सों से कहा- इलाज में लापरवाही नहीं करूंगा बर्दाश्त

Sitapur MLA: नायब तहसीलदार और विधायक का लगभग सुलझ चुका है मामला, रात में विधायक ने अस्पताल का किया औचक निरीक्षण, मरीजों से पूछा हाल-चाल

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Sitapur MLA in Hospital
Sitapur MLA Ramkumar Toppo, मरीजों से बातचीत करते विधायक (Photo- Patrika)

अंबिकापुर। नायब तहसीलदार से मारपीट के आरोप के बाद पिछले माह सीतापुर से लेकर अंबिकापुर तक उथल-पुथल मचा हुआ था। इस हाईप्रोफाइल मामले का लगभग पटाक्षेप हो चुका है। अब सभी अपने-अपने काम में लग गए हैं। इसी बीच सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो (Sitapur MLA Ramkumar Toppo) गुरुवार की देर रात सीतापुर स्थित 100 बिस्तरीय अस्पताल पहुंचे और वहां व्यवस्थाओं का जायजा लिया। विधायक ने मरीजों से सीधे बातचीत कर उनका हाल-चाल जाना। उन्होंने डॉक्टरों और नर्सों को सख्त हिदायत दी कि मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो गुरुवार की रात अचानक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। विधायक को देखते हुए अस्पताल स्टाफ भी सकते में आ गए। इस बीच विधायक (Hospital inspection) वार्डों में भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत की। उन्होंने कहा कि यदि इलाज में उन्हें कोई परेशानी आ रही है तो बताएं।

उन्होंने हर वार्ड का निरीक्षण किया तथा वहां साफ-सफाई की व्यवस्था, दवाइयों की उपलब्धता और कर्मचारियों की उपस्थिति की जानकारी ली। उन्होंने डॉक्टरों (Sitapur MLA inspected hospital) से कहा कि मरीजों के उपचार में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्हें चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मरीजों की ओर से शिकायत मिलती है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Sitapur MLA news: स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना जिम्मेदारी

विधायक ने कहा कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था (Health service) उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप आमजनता को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी है।

विवाद से हटकर पहुंचे जनता के बीच

बता दें कि 27 मई को विधायक की बहन (Sitapur MLA sister) ने सीतापुर के राजापुर उपतहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार पर बद्सलूकी का आरोप लगाया था। इसके बाद विधायक व उनके समर्थकों पर नायब तहसीलदार ने मारपीट के आरोप लगाए थे।

दोनों ओर से थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसके बाद सप्ताहभर तक बवाल मचा हुआ था। अंत में राजस्व मंत्री व सचिव लेबल तक मामला गया और इसका पटाक्षेप हो गया था। अब विधायक से लेकर राजस्व अमला काम पर लौट चुका है।

Published on:
12 Jun 2026 03:43 pm
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