Panchang 18 june 2026: 18 जून का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। गुरुपुष्य, अमृतसिद्धि और सर्वार्थसिद्धि जैसे दुर्लभ योग एक साथ बनने से खरीदारी, निवेश और नए कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल वातावरण बना है। हालांकि भद्रा और दिशा शूल जैसी स्थितियां कुछ मामलों में सावधानी बरतने का संकेत भी दे रही हैं।

Aaj Ka Panchang 18 june 2026: 18 जून 2026, ज्योतिष के हिसाब से बड़ा खास दिन है। इतना कुछ एक साथ होना सचमुच कम ही देखने को मिलता है। गुरुपुष्य योग, अमृतसिद्धि योग, सर्वार्थसिद्धि योग और रवियोग। ऐसे संयोग में निवेश करना, कोई बड़ा फैसला लेना या नया काम शुरू करना बहुत अच्छा माना गया है। वैसे दिन कुछ चेतावनी भी लेकर आया है, जैसे कि भद्रा काल और दिशा शूल, जिनका ध्यान रखना जरूरी है।
पंचांग के अनुसार विक्रम संवत 2083 के रौद्र संवत्सर में ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि सायंकाल 6 बजकर 59 मिनट तक रहेगी। इसके बाद पंचमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। आज का दिन भगवान गणेश को समर्पित विनायक चतुर्थी व्रत के रूप में भी मनाया जाएगा। बंगाल और ओड़िशा में उमा चतुर्थी का भी विशेष महत्व रहेगा।
ज्योतिषाचार्य पंडित मुकेश भारद्वाज बताते हैं कि सूरज उगने से लेकर सुबह 11:32 बजे तक पुष्य नक्षत्र की खासियत रहेगी और इसी वक्त में सर्वार्थसिद्धि, अमृतसिद्धि और गुरुपुष्य योग का असर भी रहेगा। इस दौरान सोना-चांदी खरीदना, जमीन-जायदाद में पैसा लगाना, गाड़ी या कोई नया व्यापार शुरू करना इन सब चीजों को लंबे वक्त का फायदा मिल सकता है। व्यापारी और बिजनेस करने वाले अकसर ऐसे योग का ही इंतजार करते रहते हैं ताकि नए काम की नींव बढ़िया समय में पड़ जाए।
ठीक इसी दिन सुबह 8:10 से शाम 6:59 तक भद्रा का समय रहेगा। भद्रा काल में शादी-ब्याह या धार्मिक अनुष्ठान जैसे मांगलिक काम करने से अक्सर मना किया जाता है। इसी के साथ 11:32 बजे के बाद गंडमूल नक्षत्र की शुरुआत होगी, जिसके लिए कुछ लोग विशेष शांति पूजा करवाते हैं।
चंद्रमा आज पूरे दिन कर्क राशि में रहेगा, जो उसकी अपनी राशि है। ऐसे में भावनाएं तेज रह सकती हैं, परिवार में जुड़ाव महसूस हो सकता है और क्रिएटिव आइडियाज भी ज्यादा आ सकते हैं। पानी, आर्ट, साहित्य या एजुकेशन से जुड़े लोग इसे अपने लिए अच्छा दिन मान सकते हैं।
रात 9:01 बजे देवगुरु बृहस्पति पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। बृहस्पति को ज्ञान, धर्म, समृद्धि का ग्रह माना गया है, और उनका ये गोचर धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों को मजबूत करने वाला रहेगा।
अगर कोई यात्रा पर निकलना चाहता है, तो पंचांग से पता चलता है कि आज दक्षिण दिशा की यात्रा टालना ही ठीक है—दिशा शूल उस तरफ रहेगा। और दोपहर 1:30 बजे से 3 बजे तक राहुकाल रहेगा; इस दौरान कोई नया काम शुरू करना शुभ नहीं कहा गया है।
शुभ चौघड़ियों की बात करें तो सूर्योदय से सुबह 7 बजकर 20 मिनट तक शुभ चौघड़िया रहेगा। इसके बाद 10 बजकर 45 मिनट से 12 बजकर 28 मिनट तक चर चौघड़िया, दोपहर 12 बजकर 28 मिनट से 3 बजकर 53 मिनट तक लाभ और अमृत चौघड़िया तथा शाम 5 बजकर 36 मिनट से सूर्यास्त तक पुनः शुभ चौघड़िया का प्रभाव रहेगा। इन समयों में महत्वपूर्ण निर्णय, निवेश और नए कार्य प्रारंभ किए जा सकते हैं।
आज जन्म लेने वाले बच्चों के लिए भी दिन विशेष माना जा रहा है।
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