Mercury Retrograde 2026: 7 जुलाई से बुध ग्रह मिथुन राशि में वक्री होने जा रहे हैं। Mercury Retrograde 2026 का असर सभी 12 राशियों की नौकरी, कारोबार, रिश्तों और सेहत पर पड़ सकता है।
Budh Vakri 2026 Effects on Zodiac Signs: 7 जुलाई 2026 से बुध ग्रह मिथुन राशि में वक्री होने जा रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र में बुध को बुद्धि, व्यापार, संवाद और तर्क क्षमता का कारक माना जाता है। ऐसे में बुध की उल्टी चाल का असर कई राशियों की आर्थिक स्थिति, रिश्तों और करियर पर दिखाई दे सकता है। खासतौर पर कर्क, वृषभ और सिंह राशि वालों को इस दौरान खर्च, निवेश और पैसों से जुड़े मामलों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पंडित अनीष व्यास से जानिए बुध वक्री का आपकी राशि पर क्या असर होगा और किन उपायों से नुकसान कम किया जा सकता है।
बुध आपकी राशि के तीसरे भाव यानी संवाद के घर में वक्री हो रहे हैं। इस समय भाई-बहनों के साथ बिना बात का विवाद हो सकता है। कार्यस्थल और निजी जीवन में बातचीत के दौरान सावधानी बरतें, क्योंकि आपकी बातों का गलत मतलब निकाला जा सकता है।
नुकसान से बचाव: बेवजह की यात्राओं से बचें।
अचूक उपाय: हरी चूड़ियों का दान करें।
आपके दूसरे भाव में होने वाला यह गोचर पारिवारिक जीवन में थोड़ी उथल-पुथल मचा सकता है। धन के मामलों में यह समय संभलकर चलने का है। वित्तीय फैसलों में जल्दबाजी भारी पड़ सकती है।
नुकसान से बचाव: इस दौरान नया घर बदलने या शिफ्ट करने का विचार टाल दें।
अचूक उपाय: अपने लिविंग रूम में 'बुध यंत्र' स्थापित करें।
बुध आपकी ही राशि के प्रथम भाव यानी लग्न में वक्री हो रहे हैं। इसका सीधा असर आपके स्वभाव और सेहत पर पड़ेगा। इस दौरान खुद पर शक करने के बजाय आत्मविश्वास बनाए रखें और अफवाहों पर यकीन न करें।
नुकसान से बचाव: सेहत के प्रति लापरवाही न बरतें।
अचूक उपाय: हरे रंग के कपड़ों का दान करें।
कर्क राशि वालों के लिए यह गोचर बारहवें भाव में होने जा रहा है, जो सीधे आपके खर्चों को बढ़ाएगा। बजट बिगड़ सकता है, इसलिए फिजूलखर्ची पर लगाम लगाएं। जो छात्र विदेश जाने की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें कुछ कागजी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
नुकसान से बचाव: धैर्य रखें और हर दस्तावेज को दोबारा जांचें।
अचूक उपाय: अपनी माता जी के लिए कोई सुंदर सा उपहार खरीदें।
आपके ग्यारहवें भाव यानी लाभ भाव में बुध की उल्टी चाल से आर्थिक तरक्की और सामाजिक जीवन की रफ्तार थोड़ी धीमी हो सकती है। लोगों से संपर्क टूटने जैसा महसूस होगा, लेकिन याद रखें कि यह स्थिति अस्थायी है।
नुकसान से बचाव: इस समय किसी भी बड़े निवेश में जल्दबाजी न करें।
अचूक उपाय: किन्नरों को अपनी श्रद्धानुसार दान दें।
आपके दसवें भाव यानी कर्म क्षेत्र में बुध का वक्री होना कार्यस्थल पर चुनौतियां ला सकता है। इस दौरान पदोन्नति या वेतन वृद्धि में कुछ समय के लिए देरी हो सकती है, लेकिन आपकी मेहनत का फल बाद में जरूर मिलेगा।
नुकसान से बचाव: ऑफिस की राजनीति से दूर रहें और अपने काम पर ध्यान दें।
अचूक उपाय: गौमाता को हरी पालक खिलाएं।
तुला राशि के नौवें भाव (भाग्य भाव) में यह गोचर होने जा रहा है। इस समय धार्मिक और आध्यात्मिक विचारों में भटकाव आ सकता है। लंबी दूरी की यात्राओं के योग तो बनेंगे, लेकिन वे कष्टदायी हो सकती हैं।
नुकसान से बचाव: यदि संभव हो तो अपनी यात्राओं को कुछ समय के लिए टाल दें।
अचूक उपाय: अपनी मौसी या मामी को उपहार देकर उनका आशीर्वाद लें।
आपके आठवें भाव (आयु व संकट भाव) में बुध की वक्री चाल शोध, कानून और गूढ़ विज्ञान से जुड़े लोगों के काम को थोड़ा धीमा कर देगी। कानूनी मामलों में विरोधी पक्ष आप पर हावी होने की कोशिश कर सकता है।
नुकसान से बचाव: इस मंदी के समय को अपनी स्किल्स सुधारने में लगाएं।
अचूक उपाय: अपने पास 'बुध यंत्र' रखें।
आपके सातवें भाव यानी साझेदारी के घर में बुध का यह गोचर व्यापारिक पार्टनर्स और जीवनसाथी के साथ संबंधों में तनाव पैदा कर सकता है। अविश्वास की भावना पनप सकती है, जिससे तनाव बढ़ सकता है।
नुकसान से बचाव: बातचीत का रास्ता खुला रखें और कड़वे शब्दों का प्रयोग न करें।
अचूक उपाय: नियमित रूप से 'बुध मंत्र' का जाप करें।
छठे भाव में वक्री बुध आपके गुप्त शत्रुओं को सक्रिय कर सकता है। कार्यस्थल पर कोई आपकी छवि बिगाड़ने की कोशिश कर सकता है। सेहत को लेकर भी सावधान रहने की जरूरत है।
नुकसान से बचाव: अपनी योजनाओं को गुप्त रखें और दूसरों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।
अचूक उपाय: बुधवार के दिन जरूरतमंदों को दान-पुण्य करें।
आपके पांचवें भाव (प्रेम और बुद्धि) में होने वाला यह गोचर प्रेम संबंधों में अनबन या उतार-चढ़ाव ला सकता है। इसके अलावा, सट्टा बाजार या शेयर मार्केट में बड़ा जोखिम लेने से सावधानी बरतने की जरूरत है।
नुकसान से बचाव: शॉर्ट-टर्म इन्वेस्टमेंट और रिस्की शेयरों से इस समय पूरी तरह दूर रहें।
अचूक उपाय: बुधवार को विशेष रूप से किसी मंदिर में दर्शन के लिए जाएं।
बुध का गोचर आपके चौथे भाव यानी सुख और माता के स्थान पर हो रहा है। इस अवधि में आपकी माता जी के स्वास्थ्य में गिरावट आ सकती है, जिससे घर का माहौल थोड़ा तनावपूर्ण हो सकता है।
नुकसान से बचाव: परिवार के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं और घरेलू विवादों को शांति से सुलझाएं।
अचूक उपाय: घर की उत्तर-पूर्व दिशा में 'बुध यंत्र' स्थापित करें।