Today Hindu Panchang 12 May 2026 : आज का पंचांग 12 मई 2026 । जानें राहुकाल, शुभ मुहूर्त, चौघड़िया, तिथि, नक्षत्र, दिशा शूल, सर्वार्थसिद्धि योग, चंद्र राशि और आज जन्मे बच्चों के नामाक्षर व भविष्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी।
Aaj Ka Panchang 12 May 2026 : मंगलवार, 12 मई 2026 का पंचांग धार्मिक, ज्योतिषीय और शुभ कार्यों की दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। पंडित मुकेश भारद्वाज के अनुसार आज दशमी तिथि के बाद एकादशी तिथि का आरंभ होगा तथा पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के साथ सर्वार्थसिद्धि योग का भी शुभ संयोग बन रहा है। राहुकाल, दिशा शूल और शुभ चौघड़िया को ध्यान में रखते हुए दिनभर के कार्यों की योजना बनाना लाभकारी रहेगा। साथ ही आज जन्म लेने वाले बच्चों की राशि, नक्षत्र और नामाक्षर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी यहां दी गई है।
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| चौघड़िया प्रकार | समय | उपयोग / महत्व |
|---|---|---|
| चर चौघड़िया | प्रातः 9:04 से 10:44 तक | यात्रा, नए कार्य और गतिशील कार्यों के लिए शुभ |
| लाभ चौघड़िया | प्रातः 10:44 से दोपहर 12:23 तक | लाभ, व्यापार और आर्थिक कार्यों के लिए उत्तम |
| अमृत चौघड़िया | दोपहर 12:23 से 2:03 तक | सर्वश्रेष्ठ शुभ समय, सभी मांगलिक कार्यों के लिए श्रेष्ठ |
| शुभ चौघड़िया | अपराह्न 3:42 से 5:22 तक | शुभ कार्य, पूजा-पाठ और नए कार्य प्रारम्भ करने के लिए अनुकूल |
दिशा शूल - आज उत्तर दिशा में दिशा शूल रहेगा । इसलिए आज उत्तर दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
राहु काल वेला - (मध्यमान से) दिन 3.00 से 4.30 तक
तिथि – दशमी तिथि दिन 2.53 तक होगी तदुपरान्त एकादशी तिथि होगी ।
नक्षत्र – पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र रात्रि 1.17 तक रहेगा तदुपरान्त उत्तराभाद्रपद नक्षत्र होगा ।
योग – वैधृति योग रात्रि 11.19 तक रहेगा तदुपरान्त विष्कुम्भ योग रहेगा ।
करण – विष्टि करण दिन 2.53 तक रहेगा तदुपरान्त बव करण रहेगा।
विशिष्ट योग – कुमारयोग रात्रि 1-17 तक, सर्वार्थसिद्धि योग रात्रि 1-17 से सूयोंदय तक
व्रत / दिवस विशेष – भद्रा दिन 2-53 तक, पंचक, वैधति पुण्यं, अन्तर्राष्ट्रीय नर्सेज दिवस,
चन्द्रमा – आज रात्रि 7.25 तक कुंभ राशि में होगा तदुपरान्त मीन राशि में प्रवेश होगा ।
कुम्भ का स्वामी भी शानि हैं। इनका स्वभाव दयावान, निस्वार्थ, स्वतंत्रताप्रिय, कल्पना शील और देश-विदेश घूमने के शौकीन होते हैं। ये लोग सेल्समेन, वकील व जज होते हैं। ये जातक उच्चाधिकारी, उच्चपदासीन, क्रय-विक्रय, प्रोफेसर, जज-वकील, उच्चपदवी या धनी व्यापारी होते हैं। ये जातक बुद्धिमान, साधन-सम्पन्न, तीव्र स्मरण-शक्ति एवं गंभीर प्रकृति वाले होते हैं।
मीन राशि के स्वामी गुरु हैं इस राशि के बच्चे सौम्य, गंभीर स्वाभाव वाले, बुद्धिमान, विवेकी, ज्ञानी, धार्मिक, परोपकारी, साहित्य प्रेमी, आध्यात्म प्रेमी, भावुक, अध्ययनशील, सज्जन, कल्पनाशील, उच्चाकांक्षी, स्वाभिमानी चंचल और कार्यों के प्रति थोड़े लापरवाह होते हैं.