
Hongqi L5 Car: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन के चीन दौरे पर हैं और शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान उनके लिए चीन की सबसे खास और लग्जरी कार होंगची L5 (Hongqi L5) का इंतजाम किया गया। पीएम मोदी ने इस कार में बैठकर चीन के तियानजिन शहर की सड़कों पर सफर किया है।
होंगची का मतलब चीनी भाषा में "लाल झंडा" होता है। यह कार चीन की सरकारी कंपनी फर्स्ट ऑटोमोबाइल वर्क्स (FAW) बनाती है और यह 1958 में लॉन्च हुई थी। शुरुआत में यह केवल कम्युनिस्ट पार्टी के शीर्ष नेताओं के लिए ही बनाई गई थी। 1981 में इसका प्रोडक्शन बंद हो गया था लेकिन 1990 के दशक में इसे फिर से बाजार में लाया गया।
आज होंगची L5 को विशेष रूप से राष्ट्रपति और इम्पोर्टेन्ट विदेशी मेहमानों के लिए आरक्षित रखा जाता है। यही कार चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी अपनी आधिकारिक यात्राओं में इस्तेमाल करते हैं।
होंगची L5 को अक्सर चीन की रोल्स रॉयस कहा जाता है। यह कार करीब 5.5 मीटर लंबी और 3 टन से अधिक वजन वाली है। इसमें 6.0-लीटर का V12 टर्बो इंजन है जो 400 हॉर्सपावर से ज्यादा का आउटपुट जनरेट है। कार 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की गति केवल 8.5 सेकंड में पकड़ लेती है और इसकी अधिकतम गति 210 किलोमीटर प्रति घंटे है। सुरक्षा के लिहाज से इसमें ऑल-व्हील ड्राइव, एडैप्टिव क्रूज कंट्रोल, 360 डिग्री कैमरे और पार्किंग सेंसर जैसे फीचर्स मिलते हैं।
होंगची L5 का इंटीरियर बेहद भव्य है। इसमें नैपा लेदर सीट्स, लकड़ी का सजावटी काम और कीमती पत्थरों जैसे जेड इनले का इस्तेमाल किया गया है। इसकी कीमत लगभग 5 से 7 करोड़ रुपये है। यह कार केवल महंगी ही नहीं, बल्कि बुलेटप्रूफ होने के कारण दुनिया की सबसे सुरक्षित कारों में भी शामिल है।
1958: पहला मॉडल CA72 लॉन्च हुआ।
1963: CA770 मॉडल आया जिसकी करीब 1,600 यूनिट्स बनी।
1970: माओ जेडोंग ने भी इसे समर्थन दिया और 1972 में इसका इस्तेमाल किया।
1995-2006: ऑडी 100 और लिंकन टाउन कार जैसी कारों को रीबैज करके पेश किया गया।
2018 के बाद: इसे नई पहचान दी गई और चीन की लग्जरी कार के रूप में पेश किया गया।
1970 के दशक में अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने चीन दौरे के दौरान होंगची कार का इस्तेमाल किया था। 2013 में फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद भी अपने चीन दौरे के दौरान इसी कार में सफर कर चुके हैं।